सपना दिल्ली में अकेली
रहती थी,पहले तो वो दिल्ली पढ़ने के लिए गयी थी,फिर पढ़ाई खत्म करने के बाद
वो वहीँ जॉब की तलाश भी करने लगी, जॉब की तलाश करते-करते उसे एक दिन एक
कंसल्टेंसी से जॉब के लिए कॉल आया,वो बहुत खुश हुई और जॉब की आशा में
कंसल्टेंसी पहुंची,वहां उसकी मुलाकात रवि से हुई,रवि ने उससे बात की और जॉब
दिलाने के नाम पर उससे 2500 रूपये ले लिए और उसे एक सप्ताह के बाद
बुलाया,एक सप्ताह के बाद सपना ख़ुशी ख़ुशी ऑफिस पहुंची जॉब के लिए तो रवि ने
उससे बड़े प्यार से बात किया और एक बार फिर 2500 रूपये ले कर उसे एक सप्ताह
के बाद आने को बोल दिया,इस तरह सपना 5000 रवि को दे चुकी थी इस आशा में की
उसे जॉब मिलेगा,अगली सप्ताह फिर पहुंचने के बाद रवि ने उससे प्यार से बात
किया और अपने ही ऑफिस में काम दे दिया, सपना देखने में जितना सुन्दर
थी,उतनी ही उसकी सुरीली आवाज थी,
रवि ने उसे रिसेप्शन पर बिठा दिया और बोला की उसे आने वाले कैंडिडेट से बात करना है और कैंडिडेट को बुलाने के लिए उसे कॉल भी करना है,इसके लिए उसने उसे मोबाइल भी दे दिया. और उसकी सैलरी 8000 रूपये महीना तय किया और बाद में बढ़ा देने की भी बात कही. सपना ने सोचा की शुरू करने में क्या हर्ज है,और वो जॉब करने लगी. कुछ दिन तक तो सब कुछ अच्छा चलता रहा,फिर रवि सपना के करीब जाने की कोशिश करने लगा, पता नहीं लेकिन उसे सपना अच्छी लगने लगी और वो सपना के पास जाने की कोशिश करने लगा,रवि का अपने करीब आने सपना को भी अच्छा लगने लगा,
इसलिए वो रवि को अपने करीब आने दे रही थी,कुछ दिनों के बाद फिर दोनों करीब हो गए. अब दोनों एक दूसरे के पास आ गए, इसी तरह 1 महीना बिता, 2 महीने बीते, तीसरा महीना सपना को याद आया की रवि ने उसे आज तक सैलरी नहीं दिया है, और वो रवि से मांग दी,इस पर रवि ने प्यार का वास्ता दे कर उसे चुप करवा दिया, उन्ही दौरान पंकज भी रवि से मिलने उसके ऑफिस आता था, यूँ तो पंकज रवि का दोस्त नहीं था,लेकिन हाँ जान पहचान जरूर थी इसलिए उसे जब भी समय मिलता वो रवि के ऑफिस आ जाता था, जब पंकज ने सपना को देखा तो उसे भी सपना से प्यार हो गया, लेकिन वो जनता था की रवि जरूर उससे प्यार करता होगा इसलिए उसने सपना के बारे में कभी कुछ नहीं बताया, खैर सपना को रवि एक यहाँ काम करते हुए 6 महीने बीत गए अब तो सपना का मन भारी होने लगा था,
वो जब भी रवि से पैसे मांगती रवि कोई ना कोई बहाना मार देता,नहीं तो प्यार का वास्ता दे देता,और सपना मजबूर हो कर पैसा नहीं मांगती,लेकिन करीब 1 साल होने के आये तो सपना ने फिर पैसा माँगा और रवि ने बोला की वो पैसा नहीं दे पायेगा और ऑफिस भी बंद कर रहा है अब तो सपना कहीं की नहीं रही, अगले दिन से सपना ऑफिस जाना बंद कर दी कुछ दिनों तक तो वो चुप चाप बैठा रहा, फिर एक दिन उसे पंकज की याद आयी और उसने पंकज को कॉल करके जॉब दिलाने की बात कही, पंकज ने जब रवि के बार एमए पूछा तो सपना ने बताया की रवि ने ऑफिस बंद कर दिया है और वो जॉब की तलाश कर रही है, इस पर पंकज ने रवि के बारे में बताया रवि रोज ऑफिस खोलता है और उसने उसकी जगह नयी लड़की रख ली है,
मतलब साफ़ था की रवि ने सपना का यूज़ किया और उसके बाद सपना को छोड़ दिया, वो रोने लगी लेकिन पंकज ने यूज़ संभाल लिया और इस तरह अब पंकज सपना के करीब हो गया और कुछ दिनों के बाद पंकज ने सपना को प्रोपोज़ कर दिया, सपना बहुत खुश हुई और वो पंकज के साथ शारीरिक सम्बन्ध बना ली .सपना बहुत खुश थी की उसे पंकज जैसा लड़का मिला जो उसे बहुत प्यार करता था, लेकिन उसके दिमाग में रवि से बदला लेने का भी प्लान बन रहा था, सपना ने पंकज को रवि के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया,पंकज भी रवि को मारने का प्लान बनाता,ये प्लान सुन कर सपना बहुत खुश होती,
लेकिन प्लान कभी सक्सेस नहीं होता,क्योंकि पंकज पहले ही रवि को सारा प्लान बता देता था,और ये बात सपना को नहीं मालूम होता, प्लान को सफल बनाने के लिए पंकज हमेशा सपना से पैसा लिया करता,और वो पैसा पंकज और रवि आपस में बाँट लेता, एक दिन सपना ने पंकज से पूछा, इतना पैसा खर्च होने के बाद भी रवि का कुछ नहीं हुआ,अब तो पंकज को लगा की सपना सच्चाई ना जान जाये, इसलिए दो दिनों के बाद ही वो सपना को ले कर हॉस्पिटल गया,जहाँ रवि के हाथ-पैर में पट्टी बंधा हुआ था,और पंकज ने बताया की उसके दोस्तों ने रवि की ये हालत की है, सपना बहुत खुश हुई लेकिन पंकज उदास था, इस पर सपना ने उसकी उदासी की वजह पूछी तो पंकज ने बताया की रवि ने पुलिस कम्प्लेन किया है और उसका दोस्त पुलिस की गिरफ्त में है और उसने उसका नाम लिया तो दोनों फस जायेंगे, इस पर सपना ने पूछा कैसे बचा जाये तो पंकज ने कहा की पुलिस वालो को पैसे देने होंगे,उसके बाद ही वो दोनों बच सकते हैं,
फिर क्या था? सपना ने पंकज के बताये अनुसार पैसे दे दिए, सपना के जाने के बाद रवि उठ कर बैठ गया और दोनों दोस्त पार्टी भी किये और इस ख़ुशी में सपना ने पंकज को किश भी दिया और उसके साथ शारीरक संबंध भी बनाया,अब तो पंकज को जब पैसा चाहिए था,वो सपना से ले लेता,और सपना भी पंकज को पा कर खुश थी, एक दिन सपना ने पंकज को मिलने के लिए बुलाया,लेकिन पंकज ने बहाना बना दिया,संयोग से सपना जो पार्क घूमने गयी थी उसी पार्क में उसने पंकज को दूसरी लड़की के साथ देखा,अब तो सपना का दिल एक बार फिर टूट गया, उसे लगा की पंकज भी उसे धोखा दे रहा है, अगले दिन वो पंकज के घर पहुंच गयी और उसे शादी करने को बोला,पंकज मना कर दिया .
ये बात पंकज का बड़ा भाई संजीव भी सुन रहा था, उसने पंकज को डाँट लगाई और कहा की शादी नहीं करना था तो इससे प्यार क्यों किया,इस पर पंकज ने बताया की वो इससे नहीं किसी और से प्यार करता है, ये सुन कर सपना के आँख भर आये और उसने पंकज के बड़े भाई को सारी बात बता दी,पंकज के बड़े भाई संजीव ने सपना को अपने रूम में ले गया और उसके आसूं पोछे और उसे प्यार से समझाया की वो टेंशन ना ले वो पंकज से बात करेगा. लेकिन धीरे-धीरे पंकज सपना की जिंदगी से चला गया और उसका स्थान पंकज के बड़े भाई संजीव ने ले लिया, हलाकि संजीव जॉब करता था और उसके पास समय नहीं था,
फिर वो सपना से मिलने के लिए समय निकालता था और ये बात सपना को पसंद आ गयी, संजीव की बातें, उसका स्वभाव सपना को बहुत पसंद आया और सपना संजीव के करीब जाने लगी, अब तो सपना और संजीव रविवार को सारा दिन एक साथ बिताते थे, दोनों एक दूसरे के बहुत ही करीब आ गए.इतने करीब की सपना ने संजीव के साथ शारीरक सम्बन्ध भी बना लिया था, अब सपना ने सोचा क्यों ना संजीव से जरिये पंकज से बदला लू, इसलिए वो पंकज के सामने ही संजीव को चूमती थी, उससे प्यार करती थी,
ये बात पंकज को मालूम था,क्योंकि रवि को मजा चखाने के लिए सपना ऐसा कर चुकी थी, आज वही दिन है अंतर सिर्फ इतना था की उस दिन रवि से बदला लेने के लिए उसी का दोस्त पंकज था और आज पंकज से बदला लेने के लिए पंकज का बड़ा भाई संजीव था. धीरे-धीरे सपना ने संजीव को अपने प्यार के मोहजाल में फसा लिया ,लेकिन क्या संजीव सपना के कहने पर अपने छोटे भाई को कुछ करेगा, सपना को यकीन था,लेकिन संजीव की सोच भी पंकज और रवि की तरह ही था.सपना से पैसा मिल ही रहा था और ऊपर से शारीरक सुख भी.वक्त के साथ साथ सपना को ये पता चल ही गया की, संजीव अपने छोटे भाई को कुछ नहीं करेगा,
उसे संजीव पर गुस्सा आ रहा था, लेकिन वो क्या करती,कहीं ना कहीं वो संजीव से जुड़ा रहना चाहती थी,क्योंकि संजीव से वो प्यार करती थी,लेकिन संजीव , सपना से प्यार नहीं करता था,इसलिए तोजब भी वो शादी की बात संजीव से की तो संजीव टालने लगा,आखिर कार सपना को ये पता चल ही गया की संजीव उससे शादी नहीं करेगा,और उसे बहुत बुरा लगा लेकिन वो न ही अपने भाई को डांटा और न ही उससे शादी करेगा.इस तरह सपना का दिल पहले रवि तोडा फिर पंकज ने अब संजीव भी उसका दिल तोड़ रहा था.जब सपना ने संजीव पर दवाब बनाया की वो शादी कर ले ,तो संजीव शादी करने से मना कर दिया.अब तो सपना बिलकुल अकेली हो गयी थी, उसे यकीं हो गया था की सभी ने मिल कर उससे पैसा और इज्जत दोनों प्यार और शादी के नाम पर सिर्फ और सिर्फ लुटा.
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धन्यवाद्।
रवि ने उसे रिसेप्शन पर बिठा दिया और बोला की उसे आने वाले कैंडिडेट से बात करना है और कैंडिडेट को बुलाने के लिए उसे कॉल भी करना है,इसके लिए उसने उसे मोबाइल भी दे दिया. और उसकी सैलरी 8000 रूपये महीना तय किया और बाद में बढ़ा देने की भी बात कही. सपना ने सोचा की शुरू करने में क्या हर्ज है,और वो जॉब करने लगी. कुछ दिन तक तो सब कुछ अच्छा चलता रहा,फिर रवि सपना के करीब जाने की कोशिश करने लगा, पता नहीं लेकिन उसे सपना अच्छी लगने लगी और वो सपना के पास जाने की कोशिश करने लगा,रवि का अपने करीब आने सपना को भी अच्छा लगने लगा,
इसलिए वो रवि को अपने करीब आने दे रही थी,कुछ दिनों के बाद फिर दोनों करीब हो गए. अब दोनों एक दूसरे के पास आ गए, इसी तरह 1 महीना बिता, 2 महीने बीते, तीसरा महीना सपना को याद आया की रवि ने उसे आज तक सैलरी नहीं दिया है, और वो रवि से मांग दी,इस पर रवि ने प्यार का वास्ता दे कर उसे चुप करवा दिया, उन्ही दौरान पंकज भी रवि से मिलने उसके ऑफिस आता था, यूँ तो पंकज रवि का दोस्त नहीं था,लेकिन हाँ जान पहचान जरूर थी इसलिए उसे जब भी समय मिलता वो रवि के ऑफिस आ जाता था, जब पंकज ने सपना को देखा तो उसे भी सपना से प्यार हो गया, लेकिन वो जनता था की रवि जरूर उससे प्यार करता होगा इसलिए उसने सपना के बारे में कभी कुछ नहीं बताया, खैर सपना को रवि एक यहाँ काम करते हुए 6 महीने बीत गए अब तो सपना का मन भारी होने लगा था,
वो जब भी रवि से पैसे मांगती रवि कोई ना कोई बहाना मार देता,नहीं तो प्यार का वास्ता दे देता,और सपना मजबूर हो कर पैसा नहीं मांगती,लेकिन करीब 1 साल होने के आये तो सपना ने फिर पैसा माँगा और रवि ने बोला की वो पैसा नहीं दे पायेगा और ऑफिस भी बंद कर रहा है अब तो सपना कहीं की नहीं रही, अगले दिन से सपना ऑफिस जाना बंद कर दी कुछ दिनों तक तो वो चुप चाप बैठा रहा, फिर एक दिन उसे पंकज की याद आयी और उसने पंकज को कॉल करके जॉब दिलाने की बात कही, पंकज ने जब रवि के बार एमए पूछा तो सपना ने बताया की रवि ने ऑफिस बंद कर दिया है और वो जॉब की तलाश कर रही है, इस पर पंकज ने रवि के बारे में बताया रवि रोज ऑफिस खोलता है और उसने उसकी जगह नयी लड़की रख ली है,
मतलब साफ़ था की रवि ने सपना का यूज़ किया और उसके बाद सपना को छोड़ दिया, वो रोने लगी लेकिन पंकज ने यूज़ संभाल लिया और इस तरह अब पंकज सपना के करीब हो गया और कुछ दिनों के बाद पंकज ने सपना को प्रोपोज़ कर दिया, सपना बहुत खुश हुई और वो पंकज के साथ शारीरिक सम्बन्ध बना ली .सपना बहुत खुश थी की उसे पंकज जैसा लड़का मिला जो उसे बहुत प्यार करता था, लेकिन उसके दिमाग में रवि से बदला लेने का भी प्लान बन रहा था, सपना ने पंकज को रवि के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया,पंकज भी रवि को मारने का प्लान बनाता,ये प्लान सुन कर सपना बहुत खुश होती,
लेकिन प्लान कभी सक्सेस नहीं होता,क्योंकि पंकज पहले ही रवि को सारा प्लान बता देता था,और ये बात सपना को नहीं मालूम होता, प्लान को सफल बनाने के लिए पंकज हमेशा सपना से पैसा लिया करता,और वो पैसा पंकज और रवि आपस में बाँट लेता, एक दिन सपना ने पंकज से पूछा, इतना पैसा खर्च होने के बाद भी रवि का कुछ नहीं हुआ,अब तो पंकज को लगा की सपना सच्चाई ना जान जाये, इसलिए दो दिनों के बाद ही वो सपना को ले कर हॉस्पिटल गया,जहाँ रवि के हाथ-पैर में पट्टी बंधा हुआ था,और पंकज ने बताया की उसके दोस्तों ने रवि की ये हालत की है, सपना बहुत खुश हुई लेकिन पंकज उदास था, इस पर सपना ने उसकी उदासी की वजह पूछी तो पंकज ने बताया की रवि ने पुलिस कम्प्लेन किया है और उसका दोस्त पुलिस की गिरफ्त में है और उसने उसका नाम लिया तो दोनों फस जायेंगे, इस पर सपना ने पूछा कैसे बचा जाये तो पंकज ने कहा की पुलिस वालो को पैसे देने होंगे,उसके बाद ही वो दोनों बच सकते हैं,
फिर क्या था? सपना ने पंकज के बताये अनुसार पैसे दे दिए, सपना के जाने के बाद रवि उठ कर बैठ गया और दोनों दोस्त पार्टी भी किये और इस ख़ुशी में सपना ने पंकज को किश भी दिया और उसके साथ शारीरक संबंध भी बनाया,अब तो पंकज को जब पैसा चाहिए था,वो सपना से ले लेता,और सपना भी पंकज को पा कर खुश थी, एक दिन सपना ने पंकज को मिलने के लिए बुलाया,लेकिन पंकज ने बहाना बना दिया,संयोग से सपना जो पार्क घूमने गयी थी उसी पार्क में उसने पंकज को दूसरी लड़की के साथ देखा,अब तो सपना का दिल एक बार फिर टूट गया, उसे लगा की पंकज भी उसे धोखा दे रहा है, अगले दिन वो पंकज के घर पहुंच गयी और उसे शादी करने को बोला,पंकज मना कर दिया .
ये बात पंकज का बड़ा भाई संजीव भी सुन रहा था, उसने पंकज को डाँट लगाई और कहा की शादी नहीं करना था तो इससे प्यार क्यों किया,इस पर पंकज ने बताया की वो इससे नहीं किसी और से प्यार करता है, ये सुन कर सपना के आँख भर आये और उसने पंकज के बड़े भाई को सारी बात बता दी,पंकज के बड़े भाई संजीव ने सपना को अपने रूम में ले गया और उसके आसूं पोछे और उसे प्यार से समझाया की वो टेंशन ना ले वो पंकज से बात करेगा. लेकिन धीरे-धीरे पंकज सपना की जिंदगी से चला गया और उसका स्थान पंकज के बड़े भाई संजीव ने ले लिया, हलाकि संजीव जॉब करता था और उसके पास समय नहीं था,
फिर वो सपना से मिलने के लिए समय निकालता था और ये बात सपना को पसंद आ गयी, संजीव की बातें, उसका स्वभाव सपना को बहुत पसंद आया और सपना संजीव के करीब जाने लगी, अब तो सपना और संजीव रविवार को सारा दिन एक साथ बिताते थे, दोनों एक दूसरे के बहुत ही करीब आ गए.इतने करीब की सपना ने संजीव के साथ शारीरक सम्बन्ध भी बना लिया था, अब सपना ने सोचा क्यों ना संजीव से जरिये पंकज से बदला लू, इसलिए वो पंकज के सामने ही संजीव को चूमती थी, उससे प्यार करती थी,
ये बात पंकज को मालूम था,क्योंकि रवि को मजा चखाने के लिए सपना ऐसा कर चुकी थी, आज वही दिन है अंतर सिर्फ इतना था की उस दिन रवि से बदला लेने के लिए उसी का दोस्त पंकज था और आज पंकज से बदला लेने के लिए पंकज का बड़ा भाई संजीव था. धीरे-धीरे सपना ने संजीव को अपने प्यार के मोहजाल में फसा लिया ,लेकिन क्या संजीव सपना के कहने पर अपने छोटे भाई को कुछ करेगा, सपना को यकीन था,लेकिन संजीव की सोच भी पंकज और रवि की तरह ही था.सपना से पैसा मिल ही रहा था और ऊपर से शारीरक सुख भी.वक्त के साथ साथ सपना को ये पता चल ही गया की, संजीव अपने छोटे भाई को कुछ नहीं करेगा,
उसे संजीव पर गुस्सा आ रहा था, लेकिन वो क्या करती,कहीं ना कहीं वो संजीव से जुड़ा रहना चाहती थी,क्योंकि संजीव से वो प्यार करती थी,लेकिन संजीव , सपना से प्यार नहीं करता था,इसलिए तोजब भी वो शादी की बात संजीव से की तो संजीव टालने लगा,आखिर कार सपना को ये पता चल ही गया की संजीव उससे शादी नहीं करेगा,और उसे बहुत बुरा लगा लेकिन वो न ही अपने भाई को डांटा और न ही उससे शादी करेगा.इस तरह सपना का दिल पहले रवि तोडा फिर पंकज ने अब संजीव भी उसका दिल तोड़ रहा था.जब सपना ने संजीव पर दवाब बनाया की वो शादी कर ले ,तो संजीव शादी करने से मना कर दिया.अब तो सपना बिलकुल अकेली हो गयी थी, उसे यकीं हो गया था की सभी ने मिल कर उससे पैसा और इज्जत दोनों प्यार और शादी के नाम पर सिर्फ और सिर्फ लुटा.
मैं आशा करता हूँ की आपको ये “Love Story Leb Ki Kahani” प्रेरक कहानी आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
धन्यवाद्।
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