कहानी है, एक छोटे शहर देवास की जहां पर आनंद नाम का एक लड़का रहता था. और स्कूल के दौरान तीसरी कक्षा में ही उसकी एक लड़की से मित्रता हो गई. उसका नाम नंदनी था. तीसरी कक्षा से दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त है. एक को चोट लगती एक दूसरे को दर्द होता. फिर धीरे धीरे समय बीतता गया और दोनों बड़े हो गए. वो दोनों 11वीं कक्षा में आ चुके थे. और दोनों में धीरे धीरे प्यार हो गया फिर उसके बाद दोनों ने आशिकों की तरह चुप छुप कर मिलना सीख लिया था. दोनों की पसंदीदा जगह वहां का तालाब था. दोनों अक्सर उस जगह जाया करते थे. और घंटे यूं ही बैठकर बातें करते थे. दिन बीतते गए. और दोनों बड़े हो गए.

अब आनंद एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने लगा था. और नंदिनी ने अपना खुद का व्यवसाय प्रारंभ कर दिया था. ऐसे हां नंदनी के बारे में बता दें हम, कि नंदनी एक बहुत ही सुंदर-सी बिल्कुल अप्सरा जैसी लड़की है. और आनंद एक साधारण से लड़का है. जो अपनी मां को सबसे ज्यादा मानता है. एक दिन नंदनी और आनंद तालाब के किनारे बैठे थे. और अचानक से आनंद के पिता जी का फोन आया और कहा कि जल्दी आजाओ बेटा,और आनंद नंदिनी को फटाक से छोड़कर पिताजी के पास गया, और जैसे ही वह घर पहुंचता है.

वह अपने घर पर अपनी बुआ, मौसी और नानी को देखता है. आनं समझने की कोशिश कर ही रहा था कि आखिर क्या चल रहा है, तभी पिताजी बोल दिए, कि हम तेरे लिए लड़की देखने चल रहे है. बस इतना सुनते से आनंद के पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई. आनंद ने कहा, कि नहीं मैं नहीं जा सकता. मैं किसी और को प्यार करता हूं. और यह बात उसकी मां ने सुन ली और उसकी मां गुस्से से आग बबूला हो गई. बोली कि तुझे मुझ पर भरोसा नहीं है. अगर तू देखने नहीं चलेगा तो मैं मर जाऊंगी. बेचारा आनंद धर्म संकट में फंस चुका था. कि करें तो आखिर क्या करें मजबूरन उसे लड़की देखने के लिए जाना पड़ा. न जाने उस लड़की में क्या था जो आनंद की मां को बहुत भा गई थी उस लड़की का नाम था रिया एक सांवली सी साधारण सी खुशमिजाज मजाकिया और भावुक लड़की थी जो पेशे से एक शिक्षिका थी और आनन फानन में आनंद की मां ने बिना उनसे पूछे उसकी सगाई और शादी दोनों पक्की कर दी रिश्तेदारों के कारण आनंद वह कुछ नहीं बोल पाया घर जाते ही आनंद और उसकी मां के बीच में बहस छिड़ी और आनंद खूब रोया खूब चिल्लाया, पर उसकी मां को इस पर कोई फर्क नहीं पड़ा. और आनंद कुछ और बोलता. उससे पहले उसकी मां ने कह दिया कि आगर रिया नहीं तो कोई नहीं.

यदि कोई आती है. तो वह रिश्ता तोड़ देगी बस फिर क्या था. आनंद बेमन होकर शादी के लिए तैयार होना पड़ा. आनंद की मां ने कुछ ऐसा इंतजाम किए थे. कि वह शादी के पहले घर से ज्यादा बाहर ना निकल पाए. यदि निकले भी तो किसी के साथ निकले और आनंद की शादी का दिन आ गया. और उसकी शादी करा दी गई, शादी के बाद जब दोनों मिले प्रिया ने कहा कि आनंद मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे तुम्हारे जैसा पति मिला और आनंद कुछ नहीं बोल पाया और चुपचाप रूम से बाहर चला गया. आनंद का मन नहीं लग रहा था. आनंद जल्द से जल्द नंदिनी से मिलना चाहता था. फिर जैसे ही रात हुई. और रिया सो गई आनंद दौड़कर नंदिनी के पास गया नंदिनी ने बहुत देर तक दरवाजा नहीं खोला और गेट के के दरमियां खड़े होकर रोने और सिसकने लगी. और आनंद भी सुन सुन कर रोने लगा. आनंद ने कहा, कि पर मेरी बात तो सुनो फिर आनंद नंदिनी को पूरी बात सुनाई, कि किस परिस्थितियों में उसकी शादी कराई दी गई.

और नंदिनी ने उसे गले से लगा लिया. और सिलसिला यूं ही चलता गया आनंद रोज नंदनी से मिलने गया. 1 दिन नंदिनी ने आनंद से पूछ ही लिया, क्या तुम मुझसे प्यार करते हो शादी करोगी, मेरे लिए अपनी पत्नी को छोड़ सकते हो. आनंद ने थोड़ी देर कुछ सोचा और हां नंदिनी थोड़ी घबरा सी गई. नंदिनी ने कहा, कि मुझे अभी उससे मिलना है. और आनंद ने नंदनी को रिया से मिला दिया और परिचय देते हुए कहा दिया यह मेरी बचपन की दोस्त नंदिनी है. और रिया नंदनी में थोड़ी बातचीत हुई इसी बीच नंदिनी अपने आप को ऊंचा दिखा रही थी और रिया को नीचा.

रिया को देखकर नंदिनी आश्वस्त हो चुकी थी. कि यह क्या मुझसे बराबरी करेगी, मैं जीत गई और रिया ने नंदनी की आंखों में आनंद के लिए प्यार देख लिया. था और वह समझ गई थी. कि आनंद उसके साथ ऐसा सलूक क्यों करता है. हमेशा खुश रहने वाली मजाकिया स्वभाव की रिया, आज चुपचाप-सी हो गई थी. और दूसरी तरफ आनंद दोनों से परेशान शादी को 3 महीने हो चुके थे.

कभी सोचता, कि मैं प्रिया को तलाक दे दो. पर फिर सोचता कि आखिर इसमें रिया की क्या गलती है. वह क्यो सजा भुगतेगी और रिया की आंखों में आंसू देख कर उसे यह समझ आ चुका था. कि उसे जल्दी ही एक बड़ा निर्णय लेना है. फिर एक दिन, आनंद नंदनी के घर में गया. और उसे कहा की अब हम सभी खत्म करते हैं. मैं तुमसे प्यार करता हूं. पर तुम्हारे साथ नहीं रह सकता, एक पत्नी है. और इतना समझाते हुए वहां वहां से निकल जाता है. क्योंकि वह जानता था, कि अगर वह वहां थोड़ी देर रुक गया. तो नंदनी के आंसू उस से बर्दाश्त नहीं होंगे. और जैसे ही वह घर पहुंचता है.

तो पता चलता है कि उसकी पत्नी रिया उसे तलाक के कागज देकर मायके जा चुकी होती है. आनंद फटाफट उसके मायके के लिए निकलता है. और रिया को फोन करता है. रिया कहती है, कि चाहे तुम अब कुछ भी कर लो मैं तुम्हारे पास नहीं आऊंगी. मुझे सिर्फ तुम्हारा प्यार चाहिए था, और कुछ नहीं और दोबारा फोन मत करना. मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी इतना कहकर रिया फोन काट देती है. और आनंद सोचता है. कि अब मैं सब सही करने जा रहा हूं. तो क्यों गलत हो रहा है. इतने में ही आनंद क की आंखों में आंसू के गुब्बारे आ जाते हैं, और उसे आंसुओं के कारण दिखना बंद हो जाता है. और सामने आ रहे ट्रक से भीड़ जाता है,

और वह कोमा में चले जाता है, बहुत ही लंबे समय तक वहीं भर्ती रहता है. इसी दौरान रिया को असलियत का पता चल जाता है,कि आनंद नंदनी को छोड़कर रिया के पास आ चुका है. और रिया उसकी की खूब सेवा करती है. और आनंद पूर्णता ठीक हो जाता है. और आनंद अपनी नम अवाज में कहता है, मुझे माफ कर दे दिया इतना कहकर दोनों की आंखों में से आंसू आ जाते हैं.

मैं आशा करता हूँ की आपको ये ” Love Story Leb Ki ” कहानी आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

धन्यवाद्।


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