शुभम मेरठ के इंजीनिरिंग कॉलेज में पढ़ता था.भोपाल का रहने वाला शुभम जहाँ शुद्ध हिंदी बोलता था, वहीँ मेरठी भाषा उसे शुरू शुरू में अजीब लगती थी, कॉलेज के कैंपस में ही हॉस्टल था, चुकी वो मेरठ के बारे में ज्यादा नहीं जानता था,इसलिए हॉस्टल में ही रहना मुनासिब समझा. शुरू के 6 महीने तो उसे दोस्त बनाने और कॉलेज को ही समझने में लग गया, फिर 6 महीने के बाद वो पढ़ाई और कॉलेज का पूरा मजा लेने लगा, वैसे कॉलेज में रैगिंग तो नहीं हुई,लेकिन हॉस्टल में जरूर हुआ,और उसकी हिंदी सुनने के लिए सभी उससे बात करते थे, शुभम के साथ ही सुरभि भी पढ़ती थी,
वो झाँसी की रहने वाली थी और कॉलेज के ही गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी.एक बार रैंगिंग के दौरान ही शुभम के सीनियर ने उसे जा कर किसी को परपोज़ करने को बोला, शुभम ने सुरभि को जा कर परपोज़ कर दिया. सुरभि इस बात को सीरियसली नहीं ली, क्योंकि उसे भी मालूम था की रैंगिंग चल रही है,इसलिए वो सिर्फ मुस्कुरा कर रह गयी,लेकिन उसका मुस्कुराना शुभम कभी नहीं भूल पाया, इसलिए तो उसकी नजरे हमेशा सुरभि पर ही टिकी रहती थी.धीरे-धीरे समय बीतता चला गया और दोनों तीसरे साल के अंत में आ गए,लेकिन शुभम आज भी वो दिन नहीं भुला था जब उसने सुरभि को परपोज़ किया था,और आज तक सिर्फ उसे देखता ही रह गया, उसकी हिम्मत नहीं हुई की वो फिर से उसे परपोज़ कर पाए. वो दिल ही दिल में सुरभि से प्यार करते रह गया,लेकिन कभी जुबा से नहीं कह पाया.कुछ दिनों के लिए सभी को ग्रुप बना कर ट्रेनिंग के लिए भेजा गया,शुभम बहुत खुश था की वो इस बार मौका देख कर अपने प्यार का इजहार कर देगा,लेकिन इस बार शुभम का किस्मत साथ नहीं दिया, क्योंकि सुरभि और शुभम को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया था.
इसलिए शुभम सुरभि से बात नहीं कर पाया, ट्रेनिंग से आने के बाद सुरभि बदली-बदली नजर आने लगी थी, शुभम को बहुत आस्चर्य हुआ, उसकी समझ में नहीं आ रहा था की आखिर सुरभि में अचानक से इतना परिवर्तन कैसे आ गया? इसका जवाब उसके दोस्त पंकज ने दिया, उसने शुभम को बताया की ट्रेंग के आखिरी दिन दूसरे कॉलेज के संजीव नाम का लड़का सुरभि को परपोज़ किया और सुरभि ने उसे स्वीकार भी कर लिया, ये सुन कर शुभम के पैरो तले जमीन खिसक गयी, जिसे वो 3 सालो से प्यार करते आ रहा है,वो अचनाक से किसी और की हो गयी. शुभम ने संजीव के बारे में पता लगाया,उसके बाद उसने सुरभि और संजीव को अलग करने का प्लान बनाया.
शुभम ने फेसबुक पर प्रिया नाम से नकली आई डी बनाई और संजीव को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी. संजीव ने एक्सेप्ट कर लिया, उसके बाद प्रिया बने शुभम ने संजीव से धीरे-धीरे बात करना शुरू किया और इतना बात किया की उससे प्यार करने का नाटक करने लगा, और एक दिन प्रिया ने संजीव से मिलने का समय और जगह फिक्स किया और सारी चैटिंग,अपनी क्लासमेट निशा जो सुरभि की दोस्त भी थी,उसके जरिये सुरभि को पढ़वा दिया, सुरभि को ये नहीं मालूम था की प्रिया कौन है? उसे सिर्फ इतना मालूम था की संजीव ने उसे धोखा दिया. वो तय समय पर तय जगह पर प्रिया के बदले चली गयी, जहाँ संजीव पहले से मजदूद था, सुरभि को देख कर संजीव अचकचा गया,लेकिन सुरभि ने वहीँ संजीव से अपना सारा रिश्ता तोड़ लिया. शुभम खुश हो गया,
आखिर उसका प्लान जो कामयाब हो चूका था. कुछ दिनों के बाद फाइनल परीक्षा शुरू होने वाला था, शुभम ने सोचा की परीक्षा के बाद वो सुरभि से अपने प्यार का इजहार कर देगा. और ये सोच कर वो परीक्षा का तैयारी करने लगा, परीक्षा खत्म हुई और सभी के बिछड़ने का वो पल भी आ गया, उस समय शुभम ने हिम्मत करके सुरभि को परपोज़ कर दिया. सुरभि बहुत खुश हुई और उसने कहा, वो कॉलेज का पहला दिन था,जब रैंगिंग के दौरान तुमने मुझे परपोज़ किया था और आज कॉलेज का आखिरी दिन है, जब तुमने मुझे परपोज़ किया,और सुरभि मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गयी. शुभम इस बात को समझ ही नहीं पाया की उसके साथ क्या हुआ? वो भी अपने घर वापस लौट आया, अब वो एक अच्छी कम्पनी में जॉब कर रहा है,और कई सारे रिश्ते ठुकराने के बाद फाइनली शुभम ने एक लड़की से शादी करने के लिए हाँ कर ही दी, क्योंकि उस लड़की का नाम भी सुरभि है
मैं आशा करता हूँ की आपको ये ” Read Love Story” कहानी आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। धन्यवाद्।
वो झाँसी की रहने वाली थी और कॉलेज के ही गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी.एक बार रैंगिंग के दौरान ही शुभम के सीनियर ने उसे जा कर किसी को परपोज़ करने को बोला, शुभम ने सुरभि को जा कर परपोज़ कर दिया. सुरभि इस बात को सीरियसली नहीं ली, क्योंकि उसे भी मालूम था की रैंगिंग चल रही है,इसलिए वो सिर्फ मुस्कुरा कर रह गयी,लेकिन उसका मुस्कुराना शुभम कभी नहीं भूल पाया, इसलिए तो उसकी नजरे हमेशा सुरभि पर ही टिकी रहती थी.धीरे-धीरे समय बीतता चला गया और दोनों तीसरे साल के अंत में आ गए,लेकिन शुभम आज भी वो दिन नहीं भुला था जब उसने सुरभि को परपोज़ किया था,और आज तक सिर्फ उसे देखता ही रह गया, उसकी हिम्मत नहीं हुई की वो फिर से उसे परपोज़ कर पाए. वो दिल ही दिल में सुरभि से प्यार करते रह गया,लेकिन कभी जुबा से नहीं कह पाया.कुछ दिनों के लिए सभी को ग्रुप बना कर ट्रेनिंग के लिए भेजा गया,शुभम बहुत खुश था की वो इस बार मौका देख कर अपने प्यार का इजहार कर देगा,लेकिन इस बार शुभम का किस्मत साथ नहीं दिया, क्योंकि सुरभि और शुभम को अलग-अलग ग्रुप में रखा गया था.
इसलिए शुभम सुरभि से बात नहीं कर पाया, ट्रेनिंग से आने के बाद सुरभि बदली-बदली नजर आने लगी थी, शुभम को बहुत आस्चर्य हुआ, उसकी समझ में नहीं आ रहा था की आखिर सुरभि में अचानक से इतना परिवर्तन कैसे आ गया? इसका जवाब उसके दोस्त पंकज ने दिया, उसने शुभम को बताया की ट्रेंग के आखिरी दिन दूसरे कॉलेज के संजीव नाम का लड़का सुरभि को परपोज़ किया और सुरभि ने उसे स्वीकार भी कर लिया, ये सुन कर शुभम के पैरो तले जमीन खिसक गयी, जिसे वो 3 सालो से प्यार करते आ रहा है,वो अचनाक से किसी और की हो गयी. शुभम ने संजीव के बारे में पता लगाया,उसके बाद उसने सुरभि और संजीव को अलग करने का प्लान बनाया.
शुभम ने फेसबुक पर प्रिया नाम से नकली आई डी बनाई और संजीव को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी. संजीव ने एक्सेप्ट कर लिया, उसके बाद प्रिया बने शुभम ने संजीव से धीरे-धीरे बात करना शुरू किया और इतना बात किया की उससे प्यार करने का नाटक करने लगा, और एक दिन प्रिया ने संजीव से मिलने का समय और जगह फिक्स किया और सारी चैटिंग,अपनी क्लासमेट निशा जो सुरभि की दोस्त भी थी,उसके जरिये सुरभि को पढ़वा दिया, सुरभि को ये नहीं मालूम था की प्रिया कौन है? उसे सिर्फ इतना मालूम था की संजीव ने उसे धोखा दिया. वो तय समय पर तय जगह पर प्रिया के बदले चली गयी, जहाँ संजीव पहले से मजदूद था, सुरभि को देख कर संजीव अचकचा गया,लेकिन सुरभि ने वहीँ संजीव से अपना सारा रिश्ता तोड़ लिया. शुभम खुश हो गया,
आखिर उसका प्लान जो कामयाब हो चूका था. कुछ दिनों के बाद फाइनल परीक्षा शुरू होने वाला था, शुभम ने सोचा की परीक्षा के बाद वो सुरभि से अपने प्यार का इजहार कर देगा. और ये सोच कर वो परीक्षा का तैयारी करने लगा, परीक्षा खत्म हुई और सभी के बिछड़ने का वो पल भी आ गया, उस समय शुभम ने हिम्मत करके सुरभि को परपोज़ कर दिया. सुरभि बहुत खुश हुई और उसने कहा, वो कॉलेज का पहला दिन था,जब रैंगिंग के दौरान तुमने मुझे परपोज़ किया था और आज कॉलेज का आखिरी दिन है, जब तुमने मुझे परपोज़ किया,और सुरभि मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गयी. शुभम इस बात को समझ ही नहीं पाया की उसके साथ क्या हुआ? वो भी अपने घर वापस लौट आया, अब वो एक अच्छी कम्पनी में जॉब कर रहा है,और कई सारे रिश्ते ठुकराने के बाद फाइनली शुभम ने एक लड़की से शादी करने के लिए हाँ कर ही दी, क्योंकि उस लड़की का नाम भी सुरभि है
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