मैं अपनी आगे की पढ़ाई के लिए बैंगलोर चला गया। घर से इतना दूर दूसरे शहर में अपनों से दूर रहने की वजह से अकेलापन सताना आम बात है। लेकिन क्या कर सकते हैं,घर से इंसान पढ़ने या फिर जॉब के लिए ही जाता है,और अच्छे जॉब के लिए पढ़ाई भी जरुरी है। इसलिए इन सारी बातों को सोचते हुए मैंने भी बैंगलोर में ही दिल लगाने का मूड बना लिया। कुछ ही दिनों कुछ अच्छे दोस्त तो बन गए,लेकिन भाषा की समस्या होने लगी। मुझे कन्नड़ नहीं आती थी और उन्हें हिंदी नहीं आती थीं,हिंदी वो समझ तो लेते थे लेकिन बोल नहीं पाते थे। 

अंग्रेजी में वो फीलिंग आती नहीं थी।अब मेरे समझ में नहीं आ रहा था क्या करू? फिर मेरे नए दोस्तों ने मुझे कन्नड़ फिल्म की सीडी ला कर दी,जिससे मैं कन्नड़ सिख सकु और फिल्म को एन्जॉय भी कर सकु। लेकिन ये फिल्मो तो मुझे और बोर करने लगी,क्योंकि ऐसा जान पड़ता था जैसे मैं मूक फिल्मे देख रहा हूँ। फिर मैंने सोचा पढ़ाई में ही वक्त बिताना शुरू कर दू,लेकिन आखिर कितने वक्त आप सिर्फ पढ़ाई करेंगे,अब पढ़ाई से भी मन ऊबने लगा था। आखिर मैंने सबसे अच्छा ऑप्शन अपने लिए इन्टरनेट को चुना। 

फिर क्या था अगले ही दिन मैंने इन्टरनेट का कनेक्शन लगवा लिया,और सोसल साइट से जुड़ गया। फिर क्या था मेरा दोस्त इन्टरनेट हो गया,जहां मैं अपने लिए हिंदी बोलने वाले दोस्त ढूंढ लिया और उनसे ही बात करके अपना वक्त गुजारता था। इसी दौरान मेरी जान पहचान एक लड़की से हुई। पहले तो चैटिंग के जरिये बात चीत हुई,वो भी मेरी तरह पढ़ाई ही कर थी,लेकिन मुझसे 1 साल जूनियर थी,सो वो मुझसे कोर्स के सम्बन्ध में जो भी पूछती मैं बता देता। मैं उसके लिए जरुरी चैप्टर भी बताने लगा। लेकिन वो दूसरे शहर होने की वजह से सिर्फ हमारी बात ऑनलाइन ही हो पाती थी। ये बातें दोस्ती में बदल गयी और हम दोनों ने अपना मोबाइल नंबर एक्सचेंज कर लिया।अब तो ऑनलाइन के साथ साथ मोबाइल पर ही बातें होनी लगी। 

बात-चीत काफी बढ़ गयी,मेरी कमी पूरी हो गयी,लेकिन मोबाइल पर ज्यादा बात नहीं कर पाती वो,क्योंकि वो अपने परिवार के साथ रहती थी,इसलिए ऑनलाइन ज्यादा बात होती थी,चाहे जो भी हो मुझे बात करने के लिए एक दोस्त मिल गया। बात चीत का सिलसिला काफी दिनों तक चला।फिर मेरा परीक्षा आ गया और मैं उसे वक्त काम देने लगा,या यूँ कहिये बिलकुल नहीं दे पता था,परीक्षा खत्म होने के बाद मैंने उसे कॉल किया,उसने कॉल उठाया और सीधे बोल दी,”आई लव यू” । 

मैं सुन कर हैरान रह गया,उसने मुझसे रिप्लाई माँगा,मैं भी सोचते हुए एक्सेप्ट कर लिया। अब तो हमारे बीच काफी देर बात होने लगी,मेरी परीक्षा खत्म हो चुकी थी,सो मैं बिलकुल फ्री हो गया था। कुछ दिनों के बाद उसकी परीक्षा शुरू हुई और मैंने उसकी तैयारी करवा दी,जिससे वो बहुत खुश हुई। करीब 1 साल के बाद वो मुझे मिलने के लिए बुलाने लगी,लेकिन मैं मिल नहीं सकता था,क्योंकि मैं कॉलेज छोड़ नहीं सकता था,और नजदीक हो तो मिल कर वापस भी हो जाया जा सकता था,लेकिन दुरी बहुत ज्यादा होने की वजह से मैं उससे मिलने उसके शहर नहीं जा सकता था। कुछ दिनों के बाद वो घर को छोड़ कर अपने कॉलेज के हॉस्टल में शिफ्ट कर गयी,घर पर वजह बताई की हॉस्टल में पढ़ाई अच्छी होगी,और मुझे बताया रात में बात नहीं हो पाती थी,इसलिए हॉस्टल में शिफ्ट कर गयी,अब रात में भी बात होगी। वो हॉस्टल में अपने बेस्ट फ्रेंड के साथ शिफ्ट हुई ।

उसकी बेस्ट फ्रेंड के साथ बात की पता चला की वो मेरे ही शहर की थी।ये जान कर अच्छा लगा,लेकिन उसकी बेस्ट फ्रेंड थोड़ा मूडी थी,उसे मुझसे बात करना अच्छा नहीं लगा,इसलिए वो मुझे नजरअंदाज कर दी,या वो मुझसे सम्पर्क नहीं रखना चाहती हो क्योंकि हम दोनों एक ही जगह से बिलोंग करते थे। अब वो लड़की मुझे बार बार मिलने के लिए बुलानी लगी,लेकिन मैं जा नहीं पाता था। कुछ दिनों के बाद उसने बात कम कर दी,फिर मुझे ऐसा लगा की वो मुझे अवॉइड कर रही है। मुझे बहुत बुरा लग रहा था,लेकिन मेरा परीक्षा फिर शुरू हो गया,और मैं फिर व्यस्त हो गया। 

जब परीक्षा खत्म हुआ तो मैं उसे कॉल करता था तो उसका कॉल हमेशा बिजी आता था,वो ऑनलाइन रहते हुए भी मुझे रिप्लाई नहीं करती थी,मुझे ये बात मालूम चल गया की उसकी जिंदगी में कोई आ गया है,मैंने कंफर्म करने के लिए उसकी बेस्ट फ्रेंड से बात की,लेकिन उसकी बेस्ट फ्रेंड ने इंकार कर दिया,बोली हॉस्टल में रहने की वजह से वो अपने पेरेंट्स से व्यस्त रहती है। लेकिन मुझे ये समझ में नहीं आ रहा था की रात 2 बजे कौन पेरेंट्स अपने बच्चो से बात करते हैं।खैर मैं कर भी क्या सकता था? कुछ दिनों के बाद अचानक उसका कॉल आया,अमीने पिक किया तो वो मुझसे सॉरी बोली और अवॉयड करने की वजह अपने पेरेंट्स को बताया। 

उसके बाद वो कुछ दिन बात की और बोली उसके परीक्षा शुरू हो गए हैं,मैंने फिर से उसकी मदद की। परीक्षा के बाद लड़की फिर से गायब और फिर से अवॉयड करने लगी। कोई बात नहीं मेरा भी कोर्स कम्पलीट हो गया था,इसलिए मैं वापस अपने घर आ गया। घर आ कर भी मैं उसे भूल नहीं पाया। एक दिन मुझे पता चला की उसकी बेस्ट फ्रेंड घर आई हुई है,और मैं उससे मिलने चला गया,वो मुझसे करीब 10 मिनिट बात की उसके बाद मुझे सॉरी बोली और बोली की मेरे खिलाफ उस लड़की ने ही भड़काया था इसलिए वो बात नहीं करती थी और उसने जो उस लड़की के बारे में बताया वो मेरे पैरो तले से जमीन निकालने के लिए काफी था। 

बेस्ट फ्रेंड ने बताया की मेरे साथ रिलैशनशिप रहते हुए उसके हमेशा से वहां बॉय फ्रेंड थे ,और वो मेरे लिए नहीं अपने बॉय फ्रेंड के लिए हॉस्टल शिफ्ट की थी,मतलब आज तक उसने जो बोला था सब झूठ बोला था,सुन कर मेरे आँखों में आंसू आ गए,किसी ने सही ही कहा है की लड़की किसी एक रिश्ता को निभा ही नहीं सकती,उसके लिए 3 -4 रिश्ते भी कम पड़ जाते हैं। उस दिन के बाद मैंने अपना नंबर बदल दिया और उसकी यादो को दिल से मिटा कर उसे भुलाने की कोशिश में लग गया। मैंने तभी से डिस्टेंस रिलेशनशिप के प्यार से तौबा कर लिया।

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धन्यवाद्।  


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