रोहित बहूत खुश था,इंटरव्यू बहूत ही अच्छा हुआ उसे पूरा विश्वास था ये जॉब उसे ही मिलेगी. उसने नेहा को फोन किया, नेहा अब इंतजार खत्म जॉब मिलते ही हम शादी कर लेंगे नेहा खुशी से चहक उठी. जैसा रोहित ने सोचा था वैसा ही हुआ उसे जॉब मिल गयी मैनेजर की पोस्ट परIकंपनी छोटी सी ही थी लेकिन उसे फिलहाल जॉब की जरूरत थी जिससे वो जल्दी से जल्दी नेहा से शादी कर सके,क्योंकि नेहा के पापा ने बोल दिया था अब वो ओर इंतजार नहीं करेंगे. नेहा से शादी करके रोहित इंदौर आ गया.

इस नये शहर मे रोहित का तो पूरा टाइम  ऑफिस मे काम करते हुये निकल जाता,लेकिन नेहा अकेली घर मे बोर होती और रोहित का इंतजार करती. रोहित अपना काम बहूत ही ज़िम्मेदारी से करता था, दूसरे एम्प्लोयी की लापरवाही उसे पसंद नही थी, जहा भी उसे जो गलत होता दिखता वो टोक देता और सुधारवा देता इस वजह से कई लोग उससे चिढ़ने लगे. रोहित की मेहनत और लगन की वजह से कंपनी अच्छे से चलने लगी  कंपनी की ओनर मोहिनी शर्मा रोहित से बहूत खुश रहने लगी.

उन्होने रोहित का प्रमोशन कर दिया, सैलरी भी बढ़ा दी. ऑफिस मे कई ऐसे लोग थे जो काम कम और चापलूसी ज्यादा करके अब तक अपना काम चला रहे थे उनको अपनी नौकरी खतरे मे दिखाई देने लगी. प्रमोशन होने के बाद रोहित की जिम्मेदारियाँ और ज्यादा बढ़ गयी अब उसका ज्यादा टाइम ऑफिस मे ही गुजरने लगा, अक्सर उसे काम के सिलसिले मे मोहिनी के साथ शहर से बाहर भी जाना पड़ता था, घर पर वो कम टाइम देने लगा. आए दिन अब नेहा से उसका झगड़ा होने लगा.

नेहा को लगता की अब रोहित उसे पहले की तरह प्यार नही करता. रोहित का जन्मदिन आनेवाला था, रोहित काम मे इतना बिजी रहता की उसको कुछ और याद ही नही रहता था. आज रोहित का जन्मदिन था,नेहा ने एक सरप्राइज़ पार्टी प्लान की. आज सुबह ही मोहिनी मैडम का फोन आया जल्दी ऑफिस आने के लिये, रोहित ऑफिस चला गया. बाहर से कुछ क्लाइंट्स आए थे, बहूत देर तक मीटिंग चली, मीटिंग अच्छी रही जो टेंडर मोहिनी शर्मा चाह रही थी वो मिल गया. मोहिनी ने रोहित से कहा एक नयी कार लेनी है चलो साथ मे, नेहा ने घर जल्दी आने को कहा था, लेकिन रोहित मोहिनी को मना नही कर पाया,

मोहिनी रोहित को गाड़ी के शोरूम मे ले गयी. मोहिनी ने एक महँगी कार पसंद की और रोहित को गिफ्ट कर दी, रोहित ने कहा वो इतना महँगा गिफ्ट नही ले सकता. मोहिनी बोली आज मेरी कंपनी इतनी तरक्की कर रही है तुम्हारी वजह से क्या मेरा इतना भी हक़ नही कि तुम्हारे जन्मदिन पर मै तुम्हें गिफ्ट दे सकु.रोहित को याद आया आज तो उसका बर्थडे है हैरानी भी  हुई कि मोहिनी को कैसे पता,मोहिनी बोली तुम मेरी कंपनी के लिये इतनी मेहनत करते हो तो तुम्हारे लिये मै इतना भी याद नही रख सकती. चलो-चलो छोड़ो ये सब अब अपनी नयी गाड़ी मे मुझे ले चलो और ट्रीट दो मोहिनी की इस बात को वो ठुकरा नही सका, दोनों रेस्टुरेंट मे गए खाना खाया. इधर घर पर नेहा इंतजार कर रही थी, कई बार रोहित को फोन किया, रोहित अपना फोन ऑफिस मे ही भूल गया था, उसने कॉल रिसीव नही की गुस्से मे नेहा रोहित के ऑफिस चली आयी.

चपरासी ने बताया रोहित सर मोहिनी मैडम के साथ बाहर गये हैं. विनय जो उसी ऑफिस मे था और रोहित से बहूत जलता था उसने नेहा का गुस्से से भरा चेहरा देखा तो रोहित के खिलाफ नेहा का कान भरना शुरू कर दियाI मोहिनी शर्मा अविवाहित थी,खूबसूरत थी और इस गार्मेंट्स कंपनी की मालकिन भी, रोहित मे इतना इन्टरेस्ट बेवजह तो नहीं है, जब भी बाहर जाती है रोहित को लेकर जाती है, अब वहाँ और क्या-क्या होता है वही दोनों जाने. विनय की बातों ने आग मे घी का काम किया, नेहा को पूरा विश्वास हो गया रोहित और मोहिनी का अफ़ेयर चल रहा है, इस वजह से वो उससे दूर हो गया है. नेहा घर आ गयी, रोहित के लिये केक बनाया था,

घर सजाया था, सबकुछ तोड़ दियाI रोहित घर आया पूरे घर मे अंधेरा देखकर उसको घबराहट होने लगी,उसने जल्दी से लाइट जलायी घर मे सबकुछ बिखरा हुआ था उसने नेहा को आवाज दी. नेहा को सही सलामत देखकर उसकी जान मे जान आयी. उसने नेहा से पूछा ये सब क्या हुआ कैसे हुआ? नेहा गुस्से मे बोली जब ज़िंदगी मे अंधेरा हो गया सब बिखर गया फिर घर मे सब कैसे सही रहेI क्या कह रही हो तुम रोहित को कुछ समझ नहीं आ रहा था. चलो बाहर आओ देखो मोहिनी मैडम ने कितनी अच्छी कार गिफ्ट की है रोहित ने माहौल को कुछ हल्का करने की कोशिश की,मोहिनी का नाम सुनते ही नेहा का पारा और हाई हो गया.

वो गुस्से मे चीखकर बोली क्या सबके बर्थडे पर वो इतने ही महँगे गिफ्ट देती है? हमेशा तुम्हें ही हर जगह साथ क्यू ले जाती है? और भी तो लोग काम करते हैं वहाँ फिर तुम्हारे ही ऊपर इतनी मेहरबानी क्यूँ? खूब समझती हूँ मै काम के बहाने जो तुम दोनों बाहर रंगरेलियाँ मनाने जाते हो. बकवास बंद करो रोहित को अब बहूत गुस्सा आने लगा लेकिन नेहा का चिल्लाना बंद नही हुआ, गुस्से मे रोहित ने नेहा को एक थप्पड़ जड़ दिया. वो पूरी रात नेहा ने रोकर गुजारी, सुबह उसको सामान पैक करते देखकर रोहित ने पूछा अब ये क्या है? नेहा बोली मै जा रही हू तुम्हारी लाईफ से अब तुम्हें जो करना है करो.

देखो नेहा मै तुमसे बहूत प्यार करता हूँ, तुम्हारे सिवा मेरी ज़िंदगी मे किसी और के लिये कोई जगह नहीं है, तुम ही मेरी सबकुछ हो रोहित ने नेहा को समझाने की कोशिश की नेहा का गुस्सा कम नही हो रहा था, उसने जिद पकड़ ली की इस कंपनी को छोड़ दो अगर नहीं छोड़ोगे तो मुझे छोड़ दो. रोहित नेहा से बहूत प्यार करता था, आखिरकार उसने नेहा की बात मान ली और अपना रिजाईन मोहिनी को मेल कर दियाI मोहिनी ने रोहित को फोन किया,फोन नेहा ने उठाया, मोहिनी के बार-बार कहने पर भी नेहा ने रोहित से उसकी बात नही होने दीI मोहिनी रोहित के घर आयी,

नेहा ने उसको घर के अंदर तक नहीं आने दिया दरवाजे से ही इंसल्ट करके भगा दिया. नेहा और रोहित वापस अपने पुराने शहर आ गएI नेहा का चचेरा भाई अपना बिज़नस शुरू कर रहा था, उसने रोहित से कहा वो पार्टनर बन जाए, दोनों साथ मे काम करेंगेI रोहित अब नेहा के भाई राकेश के साथ बिज़नस करने लगा, एक दिन मोहिनी की एक सहेली डॉ दिव्या का फोन आया मोहिनी बहूत बीमार है, उससे मिलना चाहती हैI रोहित ने नेहा को बताया, नेहा ने साफ मना कर दिया बोली बिलकुल नहीं जाना है ये सब नाटक है उसका, रोहित चाहकर भी जा नहीं सकाI रोहित का बिज़नस अच्छा चल रहा था,वो पूरी ईमानदारी से काम कर रहा था लेकिन राकेश के मन मे बेईमानी आ गयी,

वो बिज़नस का पूरा पैसा निकाल कर भाग गयाIसारे लेनदार रोहित के पीछे पड़ गए, रोहित का सारा पैसा खत्म हो गया लेकिन कर्ज खत्म नही हुआI इतना सारा कर्ज़ चुकाने मे उसके पिता भी असमर्थ थे, अब उनका पुश्तैनी घर तक बेचने की नौबत आ गयी, सबलोग परेशान हो गए. रोहित को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि अब करे तो क्या करे? तभी उनके घर डॉ दिव्या का आना हुआ, दिव्या ने बताया कि मोहिनी अब इस दुनिया मे नहीं रही,अपना घर, बैंक बैलेन्स, कंपनी वो रोहित के नाम कर गयी है, और एक लेटर नेहा के लिये. नेहा ने मोहिनी का लेटर पढ़ा- नेहा मेरी ज़िंदगी मे भी एक लड़का था राहुल, बहूत कुछ तुम्हारे रोहित से मिलत जुलता, हमदोनों एक-दूसरे से बहूत प्यार करते थे,

हमारी शादी होनेवाली थी, लेकिन भगवान को शायद मंजूर नहीं था, एक हादसे मे वो हमेशा के लिये चला गयाI मैं भी उसके जाने के बाद जीना नहीं चाहती थी लेकिन अपने बीमार ओर बूढ़े पापा की वजह से मर भी नहीं सकती थी. जब पहली बार मैंने रोहित को देखा मुझे लगा राहुल फिर से मेरी ज़िंदगी मे वापस आ गया. मै भूल गयी दुनिया से जानेवाले कभी वापस नहीं आतेI उसका साथ मुझे समय बिताना मुझे अच्छा लगने लगा, अनजाने मे मै कब उससे प्यार करने लगी मुझे पता ही नहीं चला.

अपने जज़्बात मैंने रोहित पर कभी जाहिर नहीं किए, रोहित सिर्फ और सिर्फ तुमसे प्यार करता है. हो सके तो मुझे माफ कर देना. मोहिनी
लेटर पढ़कर नेहा को रोना आ गया, उसको अफसोस हुआ काश आखरी वक़्त मे उसने उसको रोहित से मिलने दिया होता.

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धन्यवाद्।


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