गोरखपुर का रहने वाला अभिषेक स्वभाव से शर्मिला था,लेकिन पढ़ने में बहुत तेज
था, बारहवीं की पढ़ाई गोरखपुर से ही करने के बाद उसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई
के लिए भोपाल के एक कॉलेज में एडमिशन ले लिया, बहुत ही लगन से उसने अपना
कोर्स पूरा किया और अच्छे नंबर से पास किया, जिसकी वजह से वहीँ की एक कंपनी
में उसे मैनेजर का पोस्ट मिल गया, वो बहुत खुश हुआ,आज के दौर में अगर
अच्छा जॉब और अच्छी सैलरी मिल जाये तो जीवन सफल हो जाता है, कुछ ऐसा ही
अभिषेक के साथ हुआ था,उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसे दुनिया भर की ख़ुशी नसीब
हो गयी हो,
पढ़ाई के दौरान वो कॉलेज के हॉस्टल में ही रहता था,और पढ़ाई पूरी करने के दौरान कभी वो भोपाल शहर तक नहीं घुमा था, लेकिन जॉब मिलने के बाद सबसे पहले वो पूरा शहर घुमा और फिर अपने घर गोरखपुर गया,जहाँ उसके मम्मी-पापा उसकी शादी की बात करने लगे,वो शरमा कर घर से बाहर निकल गया और निकलते हुए उसने बोला की,” भला इतनी जल्दी क्या है? पहले कुछ दिन काम कर लेने दो, कुछ पैसा जमा हो जाये, तब कर देना शादी”. उसके मम्मी-पापा को ये बात अच्छी लग गयी और उसने कह दिया ,
जैसा तुम सोचो. भोपाल वापस आ कर वो अपने काम में लग गया, उसने बहुत मेहनत की,काम भी नया-नया था, इसलिए उसने पूरी लगन से पहले काम सीखा फिर पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने लगा भी, लेकिन जहाँ उसका ऑफिस था,वहां उसे खाने में बहुत समस्या होती थी, क्योंकि देर रात जब वो घर लौटता तो सब कुछ बंद हो जाता था,और उसे खाना बनाने भी नहीं आता था, बचपन में माँ खाना बना कर खिलाती थी, फिर भोपाल आया तो हॉस्टल में बना बनाया हुआ खाना मिल गया, ना कभी सीखा ना ही कभी बनाया,
अब तो खाने में बहुत समस्या होने लगी, और किसी रात खाना मिल भी जाता तो खाने में अच्छा नहीं लगता, खाने के बैगेर भला अभिषेक कितने दिन रह पाता.अब वो एक अच्छे और सस्ते रेस्टुरेंट की तलाश करने लगा जहाँ वो रात का खाना खा सके, इसलिए वो जब ऑफिस से निकलता तो रास्ते भर निगाहें दौड़ाता जा रहा था की कहीं कोई अच्छा रेस्टुरेंट मिल जाये,उसे एक अच्छा रेस्टुरेंट मिल गया,वो बहुत खुश हुआ और अंदर चला गया, लेकिन उसे पता चला की ये रेस्टुरेंट भी देर रात तक खुला नहीं रहता है,
जिसकी वजह से उसे बचा हुआ खाना खाना पड़ा,अगली दिन सुबह जब वो ऑफिस के लिए घर से निकला तो कुछ दुरी पर किसी कारण वश उसे जाम मिला जिसकी वजह से वहां के लोगो ने बताया की दूसरी तरफ से चले जाइये, चुकी वो घर की दूसरी तरफ कभी नहीं गया था, इसलिए उसे वो रास्ता नहीं मालूम था,लेकिन ऑफिस के लिए देर ना हो जाये इसलिए वो घर की दूसरी तरफ से ऑफिस चला गया, रात को जब वो वापस घर लौट रहा था तो वो दूसरी तरफ वाला ही रास्ता लिया, तो घर से खुश ही दुरी पर उसे एक रेस्टुरेंट खुला हुआ मिला,रेस्टुरेंट एक घर के अंदर ही खोला गया था,
काउंटर पर एक खूबसूरत सी लड़की मुस्कुरा कर अभिषेक का स्वागत की और उससे पूछा, क्या खाएंगे? अभिषेक ने भी तुरंत जवाब दिया क्या खिलाएंगे? लड़की ने फिर पूछा,आप जो खाएंगे,वो खिला देंगे…..अभिषेक को सुन कर अच्छा लगा की इतनी रात को भी खाने को मिल जायेगा, उसने अपनी पसंद की खाने का आर्डर दे दिया, कुछ देर के बाद एक जवान लड़का आया और खाने की मेज पर खाना सजा कर रख दिया, खाना वाकई स्वादिस्ट था, अभिषेक बहुत खुश हुआ और काउंटर पर लड़की को पैसे दे कर घर की तरफ बढ़ गया, लड़की भी मुस्कुरा कर उसका आभार व्यक्त कर दिया.
अब तो अभिषेक बहुत खुश हुआ, क्योंकि घर के पास ही उसे इतना अच्छा रेस्टुरेंट मिल गया और वो इतने दिनों से परेशान हो रहा था, अब तो रोज रात को अभिषेक उसी रेस्टुरेंट में चला जाता था, जहाँ उसकी नजर उस लड़की की मुस्कुरहट पर पड़ती तो उसकी सारी थकान दूर हो जाती, कुछ दिनों के बाद अभिषेक ने जो खाना मंगवाया था, उस खाने के अलावे भी कुछ डिश और थे, जिन्हे देख कर अभिषेक चौंक गया,
लड़की ने बताया की ये डिश उसने अपने हाथो से बनाया है, खाना खा कर अभिषेक बहुत खुश हुआ क्योंकि लड़की के द्वारा बनाया हुआ डिश वाकई लाजवाब था, उसने लड़की की तहे दिल से तारीफ की,अब तो अभिषेक के ख्वाबो में भी वो लड़की अपने हाथो से खाना खिलाते हुए नजर आने लगी, एक रात अभिषेक ने उस लड़की का नाम पूछा तो लड़की ने अपना नाम अंजलि बताया, अभिषेक ने अपना नाम भी उसे बता दिया और साथ ही साथ कह दिया जितनी खूबसूरत वो है उतनी ही स्वादिस्ट उसकी डिश है.अंजलि ने मुस्कराते हुए धन्यवाद बोला. अब तो धीरे-धीरे अभिषेक के खाने का बिल बढ़ता चला गया और पॉकेट खली होती चली गयी,
अब तो अभिषेक को समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे? क्योंकि अंजलि उससे कितना और किस किस डिश का पैसा लेती है वो ना कभी उससे पूछा,ना ही अंजलि ने उसे कभी बताया.इस तरह कई महीने बीत गए, अभिषेक के मम्मी-पापा ने जब अभिषेक को शादी की बात याद दिलाई तो उसे एहसास हुआ की वो अंजलि से प्यार करने लगे है, और उसके बिना वो जी नहीं पायेगा, उसने सोच लिया था की आज रात वो अंजलि से शादी की बात करेगा,
सोचते हुए वो रेस्टुरेंट पहुंचा और अंजलि से शादी की बात कर दी, अंजलि सुन कर हैरान हो गयी, उसने कहा वो शादी नहीं कर सकती, इस पर अभिषेक ने पूछा, उसमे क्या कमी है जो वो उससे शादी नहीं कर सकती? अंजलि ने कहा की उसमे कोई कमी नहीं है, वो शादी शुदा है इसलिए वो शादी नहीं कर सकती, ये सुन कर अभिषेक गिरते-गिरते बचा. अंजलि ने बताया की वो बहुत छोटी थी तभी उसके मम्मी-पापा एक एक्सीडेंट में गुजर गए और उसे मामा-मामी ने पाला,
और उसकी शादी छोटी सी उम्र में ही करवा दी,उसके पति दूसरे रेस्टुरेंट में काम करते हैं, और ये भी यहाँ काम करती है, इस रेस्टुरेंट के पीछे ही मालिक ने उसे रहने के लिए छोटा सा घर दिया है,जहाँ वो अपना जीवन बसर कर रही है, इसलिए वो शादी नहीं कर सकती है, ये सुन कर अभिषेक के होश उड़ गए, उसने कभी सोचा भी ना था की वो जिससे इतना प्यार करता है,वो किसी और की हो चुकी है,
मतलब वो इतने दिनों से जिस मुस्कराहट का दीवाना था एक्चुअली में वो मुस्कराहट थी ही नहीं.खैर अभिषेक क्या कर सकता था, उसने अपनी मम्मी-पापा को शादी करवा देने की बात तो कह डाली लेकिन वो सोच रहा था की उसने सारा पैसा तो रेस्टुरेंट में खाने में खर्च दिए फिर शादी के लिए कहाँ कुछ बचा पाया,
जिसकी वजह से उसने अपनी मम्मी-पापा से शादी एक लिए वक्त माँगा था, अब तो अभिषेक फिर से वो रास्ता पकड़ लिया जो पहले कभी वो यूज़ किया करता था, और साथ में एक गाना भी गुनगुना रहा था,” तेरी गलियों में ना रखेंगे कदम,आज के बाद…….”
मैं आशा करता हूँ की आपको ये “Love Story Leb” आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।
धन्यवाद्।
पढ़ाई के दौरान वो कॉलेज के हॉस्टल में ही रहता था,और पढ़ाई पूरी करने के दौरान कभी वो भोपाल शहर तक नहीं घुमा था, लेकिन जॉब मिलने के बाद सबसे पहले वो पूरा शहर घुमा और फिर अपने घर गोरखपुर गया,जहाँ उसके मम्मी-पापा उसकी शादी की बात करने लगे,वो शरमा कर घर से बाहर निकल गया और निकलते हुए उसने बोला की,” भला इतनी जल्दी क्या है? पहले कुछ दिन काम कर लेने दो, कुछ पैसा जमा हो जाये, तब कर देना शादी”. उसके मम्मी-पापा को ये बात अच्छी लग गयी और उसने कह दिया ,
जैसा तुम सोचो. भोपाल वापस आ कर वो अपने काम में लग गया, उसने बहुत मेहनत की,काम भी नया-नया था, इसलिए उसने पूरी लगन से पहले काम सीखा फिर पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने लगा भी, लेकिन जहाँ उसका ऑफिस था,वहां उसे खाने में बहुत समस्या होती थी, क्योंकि देर रात जब वो घर लौटता तो सब कुछ बंद हो जाता था,और उसे खाना बनाने भी नहीं आता था, बचपन में माँ खाना बना कर खिलाती थी, फिर भोपाल आया तो हॉस्टल में बना बनाया हुआ खाना मिल गया, ना कभी सीखा ना ही कभी बनाया,
अब तो खाने में बहुत समस्या होने लगी, और किसी रात खाना मिल भी जाता तो खाने में अच्छा नहीं लगता, खाने के बैगेर भला अभिषेक कितने दिन रह पाता.अब वो एक अच्छे और सस्ते रेस्टुरेंट की तलाश करने लगा जहाँ वो रात का खाना खा सके, इसलिए वो जब ऑफिस से निकलता तो रास्ते भर निगाहें दौड़ाता जा रहा था की कहीं कोई अच्छा रेस्टुरेंट मिल जाये,उसे एक अच्छा रेस्टुरेंट मिल गया,वो बहुत खुश हुआ और अंदर चला गया, लेकिन उसे पता चला की ये रेस्टुरेंट भी देर रात तक खुला नहीं रहता है,
जिसकी वजह से उसे बचा हुआ खाना खाना पड़ा,अगली दिन सुबह जब वो ऑफिस के लिए घर से निकला तो कुछ दुरी पर किसी कारण वश उसे जाम मिला जिसकी वजह से वहां के लोगो ने बताया की दूसरी तरफ से चले जाइये, चुकी वो घर की दूसरी तरफ कभी नहीं गया था, इसलिए उसे वो रास्ता नहीं मालूम था,लेकिन ऑफिस के लिए देर ना हो जाये इसलिए वो घर की दूसरी तरफ से ऑफिस चला गया, रात को जब वो वापस घर लौट रहा था तो वो दूसरी तरफ वाला ही रास्ता लिया, तो घर से खुश ही दुरी पर उसे एक रेस्टुरेंट खुला हुआ मिला,रेस्टुरेंट एक घर के अंदर ही खोला गया था,
काउंटर पर एक खूबसूरत सी लड़की मुस्कुरा कर अभिषेक का स्वागत की और उससे पूछा, क्या खाएंगे? अभिषेक ने भी तुरंत जवाब दिया क्या खिलाएंगे? लड़की ने फिर पूछा,आप जो खाएंगे,वो खिला देंगे…..अभिषेक को सुन कर अच्छा लगा की इतनी रात को भी खाने को मिल जायेगा, उसने अपनी पसंद की खाने का आर्डर दे दिया, कुछ देर के बाद एक जवान लड़का आया और खाने की मेज पर खाना सजा कर रख दिया, खाना वाकई स्वादिस्ट था, अभिषेक बहुत खुश हुआ और काउंटर पर लड़की को पैसे दे कर घर की तरफ बढ़ गया, लड़की भी मुस्कुरा कर उसका आभार व्यक्त कर दिया.
अब तो अभिषेक बहुत खुश हुआ, क्योंकि घर के पास ही उसे इतना अच्छा रेस्टुरेंट मिल गया और वो इतने दिनों से परेशान हो रहा था, अब तो रोज रात को अभिषेक उसी रेस्टुरेंट में चला जाता था, जहाँ उसकी नजर उस लड़की की मुस्कुरहट पर पड़ती तो उसकी सारी थकान दूर हो जाती, कुछ दिनों के बाद अभिषेक ने जो खाना मंगवाया था, उस खाने के अलावे भी कुछ डिश और थे, जिन्हे देख कर अभिषेक चौंक गया,
लड़की ने बताया की ये डिश उसने अपने हाथो से बनाया है, खाना खा कर अभिषेक बहुत खुश हुआ क्योंकि लड़की के द्वारा बनाया हुआ डिश वाकई लाजवाब था, उसने लड़की की तहे दिल से तारीफ की,अब तो अभिषेक के ख्वाबो में भी वो लड़की अपने हाथो से खाना खिलाते हुए नजर आने लगी, एक रात अभिषेक ने उस लड़की का नाम पूछा तो लड़की ने अपना नाम अंजलि बताया, अभिषेक ने अपना नाम भी उसे बता दिया और साथ ही साथ कह दिया जितनी खूबसूरत वो है उतनी ही स्वादिस्ट उसकी डिश है.अंजलि ने मुस्कराते हुए धन्यवाद बोला. अब तो धीरे-धीरे अभिषेक के खाने का बिल बढ़ता चला गया और पॉकेट खली होती चली गयी,
अब तो अभिषेक को समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या करे? क्योंकि अंजलि उससे कितना और किस किस डिश का पैसा लेती है वो ना कभी उससे पूछा,ना ही अंजलि ने उसे कभी बताया.इस तरह कई महीने बीत गए, अभिषेक के मम्मी-पापा ने जब अभिषेक को शादी की बात याद दिलाई तो उसे एहसास हुआ की वो अंजलि से प्यार करने लगे है, और उसके बिना वो जी नहीं पायेगा, उसने सोच लिया था की आज रात वो अंजलि से शादी की बात करेगा,
सोचते हुए वो रेस्टुरेंट पहुंचा और अंजलि से शादी की बात कर दी, अंजलि सुन कर हैरान हो गयी, उसने कहा वो शादी नहीं कर सकती, इस पर अभिषेक ने पूछा, उसमे क्या कमी है जो वो उससे शादी नहीं कर सकती? अंजलि ने कहा की उसमे कोई कमी नहीं है, वो शादी शुदा है इसलिए वो शादी नहीं कर सकती, ये सुन कर अभिषेक गिरते-गिरते बचा. अंजलि ने बताया की वो बहुत छोटी थी तभी उसके मम्मी-पापा एक एक्सीडेंट में गुजर गए और उसे मामा-मामी ने पाला,
और उसकी शादी छोटी सी उम्र में ही करवा दी,उसके पति दूसरे रेस्टुरेंट में काम करते हैं, और ये भी यहाँ काम करती है, इस रेस्टुरेंट के पीछे ही मालिक ने उसे रहने के लिए छोटा सा घर दिया है,जहाँ वो अपना जीवन बसर कर रही है, इसलिए वो शादी नहीं कर सकती है, ये सुन कर अभिषेक के होश उड़ गए, उसने कभी सोचा भी ना था की वो जिससे इतना प्यार करता है,वो किसी और की हो चुकी है,
मतलब वो इतने दिनों से जिस मुस्कराहट का दीवाना था एक्चुअली में वो मुस्कराहट थी ही नहीं.खैर अभिषेक क्या कर सकता था, उसने अपनी मम्मी-पापा को शादी करवा देने की बात तो कह डाली लेकिन वो सोच रहा था की उसने सारा पैसा तो रेस्टुरेंट में खाने में खर्च दिए फिर शादी के लिए कहाँ कुछ बचा पाया,
जिसकी वजह से उसने अपनी मम्मी-पापा से शादी एक लिए वक्त माँगा था, अब तो अभिषेक फिर से वो रास्ता पकड़ लिया जो पहले कभी वो यूज़ किया करता था, और साथ में एक गाना भी गुनगुना रहा था,” तेरी गलियों में ना रखेंगे कदम,आज के बाद…….”
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