यूँ तो प्यार दिलो के मेल से होता है,जब दो लोगो का दिल मिलता है,तो दोनों में प्यार होता है, फिर भी कभी ऐसा भी होता है की एक इंसान दूसरे इंसान से बेइंतहा प्यार करता है,लेकिन दूसरा इंसान उससे प्यार नहीं करता तो उसे एकतरफा प्यार कहते हैं, लेकिन आपको जान कर ताजुब होगा की पंकज इन दोनों श्रेणी में नहीं आता है, वो तो अपना एक नया ही श्रेणी बना लिया जिसे जबरदस्ती का प्यार कहते हैं, क्योंकि पंकज लड़की से प्यार तो करता ही था,लड़की से भी प्यार करवाना चाहता था, बात दरसल यूँ थी की पढ़ाई खत्म होने के बाद पंकज ने पटना में एक प्राइवेट कम्पनी ज्वाइन की, 

ये एक सी ए फॉर्म था,क्योंकि पंकज ने एम कॉम किया था और वो अकाउंट लाइन में भी जाना चाहता था,उसने सी ए की तैयारी भी की लेकिन बार बार फ़ैल होने के बाद उसका दिल टूट गया,या यूँ कह लीजिये की उसने हिम्मत हार दी, इसलिए उसने एक सी ए फॉर्म ज्वाइन कर ली, जहां पहले से 3 -4 स्टाफ और काम करते थे, जॉब का पहला दिन और वो सभी से दोस्ती करना चाहा,लेकिन सभी उससे दोस्ती नहीं करना चाहते थे,पंकज के अलावे वहां 1 लड़का,जिसका नाम विनीत था और 2 लड़की जिसका नाम निधि और माही था , 

पहले से काम करते थे,पहले वो विनीत से दोस्ती करना चाहा लेकिन विनीत अपने काम में व्यस्त था, कुछ ऐसे ही हालात निधि और माही के भी थे. ऐसा नहीं था की पंकज के दोस्त नहीं थे, वो जब पढ़ता था तो उसके बहुत सरे दोस्त थे,लेकिन पढ़ाई पूरी हुई और सरे दोस्त बिछुड़ते चले गए, जो बचे थे वो भी पंकज से बात नहीं करना चाह रहे थे,क्योंकि पंकज ने हिम्मत हार दी थी. क्लास के दौरान ही पंकज की जिंदगी में उसके साथ ही पढ़ने वाली लड़की जिसका नाम पूजा था, वो आयी, पूजा उससे बहुत प्यार करती थी,लेकिन पंकज के दिलऔर दिमाग में तो सिर्फ सी ए बनाना था इसलिए उसने कभी पूजा की तरफ ध्यान नहीं दिया जबकि पूजा ने कई बार पंकज से अपने प्यार का इजहार किया था, लेकिन पंकज कभी उससे प्यार नहीं किया था, 

वो कहते हैं जब कोई चीज आसानी से मिलती है तो उसका महत्व नहीं होता है,कुछ ऐसा ही पंकज के साथ था, पढ़ाई के दौरान उसकी जिंदगी में कई लड़किया आयी लेकिन उसने कभी भी किसी लड़की को अपने करीब नहीं आने दिया,अब जब वो पढ़ाई छोड़ चूका था और लड़की की तलाश कर रहा था तो कोई लड़की उसके करीब नहीं आ रही थी, एक तो सी ए ना बन पाना,दूसरा कोई लड़की का करीब ना आना,पंकज परेशान और निराश हो गया था. इसलिए शायद उसने जब सी ए फॉर्म ज्वॉइन किया,उसी दिन निधि और माही से बात करने में लग गया,लेकिन दोनों अपने काम से मतलब रख रही थी,

पंकज भी कहाँ हार मानने वाला था, दूसरे दिन भी उसने प्रयास किया की वो उन दोनों से बात कर सके,लेकिन वो दोनों पंकज से बात नहीं करना चाहती थी, ये बात विनीत को समझ में आ गयी थी इसलिए उसने पंकज को डायरेक्ट बोला की जब वो दोनों तुमसे बात नहीं करना चाहती तो क्यों उनके पीछे पड़े हुए हो? पंकज ने भी कह डाला, वो दोनों कैसे मुझसे बात नहीं करेंगी,जरूर करेंगी आज नहीं तो कल,कल नहीं तो परसो,एक ना एक दिन तो करेंगी,मैं प्रयास नहीं छोडूंगा, जिसे सुन कर विनीत को हसी आ गया और उसने “आल द बेस्ट” बोल,अपने काम में लग गया.दो-तीन दिन बीत गए लेकिन पंकज से किसी ने बात नहीं की,अब तो पंकज को गुस्सा आने लगा,उसकी समझ में नहीं आ रहा था की दोनों लड़कियां उससे दूर दूर क्यों रहती हैं,

शायद पहला ही दिन उसने करीब जाने की कोशिश कर दी इसलिए. लेकिन एक दिन अचानक काम करते करते निधि को समस्या आ गयी, बस क्या था पंकज ने उसे बताना शुरू कर दिया, ये देख अब निधि या माही को कोई समस्या होती पंकज उसका हल कर देता, जिससे उन दोनों लड़कियों को समझ में आ गया गया की पंकज को एकाउंट्स की जानकारी है,

एक दिन माही ऑफिस में अपने फोन से बात कर रही थी, बात खत्म होने के बाद पंकज ने माही से पूछा बड़ी देर तक बात हुई किसका फोन था? माही ने सीधे सीधे बोल दिया की उसके बॉय फ्रेंड का, पंकज समझ गया की माही से दूर ही रहने में भलाई है,इसलिए वो अब निधि पर ध्यान देने लगा, और निधि कभी फोन से बात बही नहीं करती थी, इसलिए पंकज को लगा की लड़की अच्छी है,इसका बॉय फ्रेंड नहीं है,इसलिए इसी से प्यार किया जाये, लेकिन निधि को भी तो प्यार करना चाहिए, वो निधि के आगे पीछे घूमते रहता था, 

निधि को किसी तरह की समस्या होती तो उसकी मदद किया करता था, एक दिन निधि ने खुद पंकज से बात करना शुरू किया, जिसे देख पंकज बहुत खुश हुआ,और विनीत की तरफ इशारा करके ये बताया की आखिर निधि ने उससे बात की ही, उस दिन निधि ने पंकज से पूछा की उसने क्या किया है? पंकज ने बता दिया की वो एम कॉम किया है,साथ ही सी ए की तैयारी की है, सी ए फॉर्म में काम भी किया है अब लॉ की पढ़ाई करना चाहता है, वो एकाउंट्स लाइन नहीं छोड़ सकता,ये सुन कर निधि खुश हुई और पंकज से मोबाइल नंबर मांगी, ये सुन कर तो पंकज को लगा की वो जैसे आसमान में उड़ रहा हो,

उसने तुरंत अपना मोबाइल नंबर दे दिया साथ ही ये भी बता दिया की व्हाट्स एप्प इसी नंबर से चलाता है फिर पंकज ने निधि से उसका मोबाइल नंबर माँगा, पहले तो निधि ने बात को टालना चाहा लेकिन पंकज नहीं माना, निधि ने नंबर दिया और पंकज ने तुरंत नंबर सेव कर लिया, उसके बाद व्हाट्स एप्प खोला तो पाया की निधि का व्हाट्स एप्प शो हो रहा है वो बहुत खुश हुआ क्योंकि निधि ने व्हाट्स एप्प नंबर दिया था. अब जब भी निधि को जरुरत होती वो पंकज से मदद ले लेती बदले में पंकज घुमा- फिरा कर उससे प्यार करने को बोलता,लेकिन निधि बात को टाल जाती,एक दिन पंकज ने निधि से पूछ लिया की उसे आगे क्या करना है? निधि ने बताया की उसे एम बी ए करना है, 

वो मैनेजमेंट की तैयारी कर रही है, ये सुन कर पंकज ने उसे समझना शुरू कर दिया की अगर उसे एम बी ए करना है तो क्यों यहाँ समय बर्बाद कर रही है, इससे अच्छा है वो सी ए की तैयारी करे, निधि ने कहा की वो इस बात पर सोचेगी,और पंकज का बार बार धन्यवाद करने लगी,पंकज को लगा की अब निधि उसकी हो गयी है,वो बहुत खुश हो रहा था,जबकि विनीत को हसी आ रही थी, पंकज को लगा की विनीत है कर उसका मजाक उड़ा रहा है,लेकिन वो बहुत खुश था क्योंकि निधि उसके करीब जो आ गयी थी, 

अगले दिन निधि ऑफिस नहीं आयी, पंकज परेशान हो गया, बार बार फोन करने लगा लेकिन नंबर नहीं लग रहा था, उसने व्हाट्स एप्प पर मैसेज किया लेकिन उसका उत्तर नहीं मिला, वो बहुत परेशान हो गया, उसने बार बार कॉल किया और व्हाट्स एप्प पर मैसेज किये,वो बार बार निधि को बोल रहा था की वो ऑफिस आये,उसके बिना ऑफिस सुना सुना लगता है,उसने यहाँ तक लिख दिया की वो उससे बहुत प्यार करता है, 

उसके बिना नहीं रह सकता ,वो उसे देखने के लिए ही ऑफिस आता है,अब उसके बिना उसका मन नहीं लगता है, वो बार बार उसे एक बार सिर्फ एक बार उससे प्यार करने को बोल रहा था, ऐसा लग रहा था की वो निधि को जबरदस्ती प्यार करने को बोल रहा हो, ये सब पढ़ कर एक दिन निधि ने मैसेज से उत्तर दिया की वो जॉब छोड़ दी है उसे मैनेजमेंट ही करना है इसलिए उसे परेशान ना करे वो उससे बात नहीं करना चाहती है,अब तो पंकज को ऐसा लगा की उसके निचे जमीन नहीं है, 

विनीत ने बताया की उसने निधि को ये बोल कर रखवाया था की यहाँ काम करने से उसे मैनेजमेंट करने में आसानी होगी और तुमने उसे सही बात बता दी,इसलिए वो छोड़ कर चली गयी और मैं हस रहा था, तू पागल है, वो तेरे से प्यार नहीं करती,अब तो पंकज को लगा की उसने गलती की निधि को बता कर शायद वो कुछ दिन और ऑफिस आती तो प्यार से उसे समझा देता ,लेकिन अब तो वो ऑफिस आएगी नहीं और नंबर भी ऐसा था की कभी बात ही नहीं होती थी, किसी ने सही कहा प्यार दिलो के मिलने से होता है ना की जबदरस्ती करने से जैसा पंकज ने निधि के साथ किया इसलिए निधि उसे छोड़ कर चली गयी .

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धन्यवाद्। 


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