नीरज दिल्ली एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था वो अकेले ही फ्लैट ले कर रह रहा था. उसकी सेलरी अच्छी होने की वजह से वो ख़ुशी-ख़ुशी रहता था, दिन भर तो वो कम्पनी में रहता था,काम करता था, लेकिन रात को जब घर आता तो बिलकुल अकेला हो जाया करता था, कोई बात करने वाला नहीं, खुद ही खाना बनाना और अकेले ही खा कर सो जाना. एक दिन उसने सोचा क्यों ना शादी कर ली जाये,अकेलापन भी दूर हो जायेगा और ऑफिस से आने के बाद बीवी के हाथ का बना हुआ खाना भी मिलेगा.इसी सोच के साथ वो ऑफिस में अपने साथ काम करने वाली लड़कियों की तरफ देखा, उसकी ख्वाइश थी की जीवन साथी के रूप में उसे सुन्दर लड़की मिली, या यूँ कह ले की बहुत सुन्दर लड़की मिले. 

इसलिए उसकी निगाहें दिया नाम की लड़की पर जा कर रुक गयी, जो बहुत सुन्दर थी,उसका गोरा गोरा रंग,लम्बी कद,बड़ी-बड़ी आँखे और उसका वो मुस्कुराना उसके दिल को भा गया,दिया बहुत शांत और सुशील स्वभाव की लड़की थी, नीरज का दिल दिया पर आ गया, और वो दिया के करीब जाने की कोशिश करने लगा,लेकिन ज्यों-ज्यों वो दिया के करीब जाता,दिया उससे दूर होने लगती, एक दिन नीरज ने दिया से सीधे-सीधे बात करना मुनासिब समझा और उससे अपने प्यार का इजहार कर दिया, ये सुन कर दिया चौंक गयी,और उसने मना कर दिया. इस पर नीरज ने कहा, वो उससे प्यार ही नहीं शादी भी करना चाहता है, 

उसे बहुत खुश रखेगा, लेकिन दिया ने बताया की वो किसी और से प्यार करती है, इसलिए वो उससे ना ही प्यार कर सकती है और ना ही शादी, ये सुन कर नीरज का दिल टूट गया,उसे विश्वास नहीं हो रहा था की दिया जैसी शांत और सुशील लड़की की भी कोई बॉय फ्रेंड हो सकता है, लेकिन जब दिया खुद बोल रही थी तो वो क्या कर सकता था. कुछ दिन तक तो नीरज शांत रहा फिर एक बार अपना जीवन साथी ढूढ़ने में लग गया,और इस बार उसकी नजर जूही पर पड़ी, 

जूही भले ही दिया इतनी सुन्दर नहीं थी लेकिन वो किसी से बात नहीं करती थी,इसलिए नीरज को उम्मीद थी की वो सिंगल होगी और वो एक बार फिर जूही के पास जा कर अपने प्यार का इजहार किया,लेकिन जूही ने भी ये कहते हुए मना कर दिया की उसे प्यार पर विश्वास नहीं,लेकिन प्यार पर विश्वास क्यों नहीं,जब नीरज ने पूछा तो पहले वो बात को टाल गयी लेकिन नीरज के बार बार पूछने पर जूही ने बताया की हाल में ही उसका ब्रेक अप हुआ है, 

जब 5 साल पुराना रिश्ता नहीं चल पाया तो आज का बना हुआ रिश्ता पर कैसे विश्वास कर लू, अब तो नीरज को इतना समझ आ चूका था की दिल्ली की लड़की सिंगल नहीं होती,इसलिए उसने अपना प्लान ड्राप कर दिया और इसकी जिम्मेदारी अपने मम्मी-पापा को दे डाली. उसने मम्मी को कॉल किया और कहा की वो शादी करना चाहता है,इसलिए उसके लिए एक सुन्दर लड़की ढूंढ दे,नीरज के मम्मी-पापा ने लड़की ढूँढना शुरू कर दिया,लेकिन उन्हें दहेज भी चाहिए था, 

जो लड़की बहुत सुन्दर मिलती थी वो उतना दहेज़ नहीं दे पा रही थी और जो दहेज ज्यादा देती वो लड़की नीरज को पसंद नहीं आ रही थी, लड़की की खोज में काफी समय बीत गया, उसके यहाँ रिश्ता लाने वाले भी थक गए,तभी एक लड़की की फोटो आयी जो बहुत ही सुन्दर थी, बहुत ही गोरी और लम्बी थी, साथ ही उसके मम्मी-पापा दहेज़ भी दे रहे थे, लड़की का फोटो नीरज को भेजा गया,फोटो देख कर ही नीरज का दिल उस लड़की पर आ गया,लड़की का नाम ख़ुशी था .

नीरज ने अपने मम्मी-पापा को बोला की वो शादी करेगा तो ख़ुशी से ही करेगा,क्योंकि उसकी वीरानी जिंदगी में यही ख़ुशी लाएगी. नीरज के मम्मी-पापा को भी ऐतराज नहीं था,क्योंकि लड़की के मम्मी-पापा दहेज़ देने के लिए तैयार थे, शादी की बात फाइनल हो गयी और शादी का डेट भी रखा गया, नीरज ख़ुशी ख़ुशी दिल्ली से अपने घर आया,और शादी के दिन बारात ले कर जब वो लड़की के घर पहुंचा,पहेली नजर में जब वो लड़की को देखा तो देखता रह गया,लड़की फोटो से भी ज्यादा सुन्दर लग रही थी, वो मन ही मन बहुत खुश हुआ, 

शादी हुई,अगली सुबह वो अपनी दुल्हन को ले कर अपने घर चला आया, पूरा दिन दुल्हन से मिलने का ही प्रोग्राम चलता रहा, फिर रात हुई और नीरज-ख़ुशी सो गए,अगली सुबह जब ख़ुशी बाथरूम से फ्रेश हो कर निकली तो नीरज ने उसे देखते हुए बोला की तुम कौन हो? और मेरे बाथरूम में क्या कर रही हो ?ये सुन कर ख़ुशी को अटपटा लगा,उसने कहा,ये क्या मजाक है? मैं ख़ुशी हूँ, ये सुनते ही,नीरज के होश उड़ गए,.नीरज ने कहा की तुम ख़ुशी नहीं हो सकती हो, ख़ुशी बहुत सुन्दर है,

और तुम बिलकुल भी सुन्दर नहीं हो, तुम कौन हो? इस पर ख़ुशी ने कहा,मैं ख़ुशी ही हूँ, अब तो नीरज के कुछ समझ में नहीं आ रहा था की वो क्या कहे,और क्या करे? वो रूम से बाहर निकला और अपने घर वालो को बताया, बात तो सच थी की कल तक जो ख़ुशी सुन्दर दिख रही थी आज अचानक से वो इतना बदसूरत कैसे हो गयी? सभी उसे आस्चर्य की नजरो से देख रहे थे, नीरज का दिल मैंने को तैयार ही नहीं था, लेकिन ख़ुशी बार बार बोले जा रही थी की वो ही ख़ुशी है और उसके साथ ऐसा क्यों सलूक किया जा रहा है? 

उसने पुलिस में कम्प्लेन करने की धमकी दे डाली,उसने कहा की उसके माता-पिता ने इतना दहेज दिया है और उसे अब परेशान किया जा रहा है,नीरज ने जब सुना की उसके माता-पिता ने दहेज ले कर उसकी शादी इतनी खराब लड़की से करवा दी तो उसे अपने मम्मी-पापा से भी नफरत हो गयी,लेकिन अब वो क्या कर सकता था, उसने हिरा माँगा था और उसे कोयला मिला, नीरज को इतना समझ आ गया था की मेक अप की वजह से ख़ुशी इतनी सुन्दर लग रही थी लेकिन असलियत में वो बदसूरत थी और इस तरह मेक अप ने नीरज की जिंदगी का बंटाधार कर दिया।

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धन्यवाद्। 


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