स्वेता एक छोटे से शहर में पली-बढ़ी थी,वहीँ के स्कूल में पढ़ी हुई स्वेता, पढ़ने में बहुत अच्छी थी.स्कूलिंग पूरी करने के बाद वो कॉलेज में एडमिशन ली और वहां भी वो पढ़ने में अच्छी होने की वजह से हमेशा फर्स्ट आती थी.स्कूल और कॉलेज के दौरान काफी लड़के उससे दोस्ती करना चाहते थे, लेकिन वो कभी किसी लड़के को अपने करीब नहीं आने दी, स्वेता देखने में बहुत सुन्दर और स्मार्ट थी,सभी उससे दोस्ती करना चाहते थे, लेकिन स्वेता थी की किसी से ज्यादा बात नहीं करती थी और सिर्फ पढ़ाई में व्यस्त रहती थी, 

उसका मन था की वो अच्छे से पढ़ कर अच्छा जॉब पाए, इसलिए वो किसी लड़के की तरफ नहीं देखती थी, जाहिर सी बात थी उसका गोरा रंग बड़ी बड़ी आँखें और ऊँचा कद देख कर किसी का दिल उस पर आ जाता, लेकिन स्वेता का दिल किसी पर आये वैसा लड़का उसे नहीं मिला था, इस तरह स्वेता बिना किसी से बात किये कॉलेज भी पास कर गयी,कॉलेज अच्छे नंबर से पूरा होने के बाद के बाद उसने अपने पापा को बहार जाने देने के लिए कहा, उसका मन था की वो कोई जॉब करे और अपने पैरो पर खड़ा हो सके. लेकिन उसके पापा उसे बाहर नहीं जाने दे रहे थे, उनका खान था अगर जॉब करना ही है तो यहीं करो, दूर नहीं जाना है, 

मुसीबत ये थी की इस छोटे से शहर में कोई बड़ी कम्पनी थी नहीं, फिर वो कहाँ जॉब करती, लेकिन स्वेता को जॉब करना ही था,इसलिए उसने पहले एक स्कूल में पढ़ने का जॉब शुरू किया, कुछ महीने तक छोटे बच्चो को पढ़ने के बाद वो बोर होने लगी, और सैलरी भी बहुत काम मिलता था इसलिए वो जॉब छोड़ दी और दूसरा जॉब ढूंढने लगी, इसी दौरान उसे बड़े बच्चो को पढ़ाने का मौका एक दूसरे स्कूल में मिला और वो वहां चली गयी, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद वहां के बच्चे स्वेता को परेशान करने लगे,स्वेता का चेहरा बहुत ही मासूम था, उसे जो भी देखता उसे नहीं लगता था की वो इतनी बड़ी थी और उसने मास्टर डिग्री लिया था,सभी को यही लगता था की वो बहुत छोटी है, 

कुछ ऐसा ही एहसास इस स्कूल में हुआ, वहाँ एक बच्चे को लगा की स्वेता उससे 2 साल बड़ी है, इसलिए वो स्वेता को परपोज़ कर बैठा, स्वेता को आस्चर्य हुआ और उसने पहले तो बच्चे को समझाया की वो बहुत छोटा है और पहले पढ़ने पर ध्यान दो , फिर स्वेता को लगा की बच्चे को प्यार से समझाया जाय और उसने बताया की वो उससे बहुत बड़ी है, ये बात बच्चे को सुन कर अस्चर्य हुआ की क्या सच्ची में स्वेता इतनी बड़ी है,लेकिन वो क्या कर सकता था, 

अब तो स्वेता को वो भी स्कूल छोड़ना पड़ा, कुछ दिनों तक जॉब की तलाश में इधर उधर भटकने के बाद अचानक से उसे एक दिन नोकिया सेंटर में जॉब मिल गया, पहले तो वहां के मालिक को विश्वास नहीं हुआ की स्वेता यहाँ जॉब के लिए आयी है,लेकिन जब स्वेता की डिग्री देखि तो पाया की स्वेता यहाँ जॉब कर सकती है,वैसे उसके सेंटर में स्वेता इतनी सुन्दर लड़की कोई नहीं थी, ना ही कोई लड़का ना ही कोई लड़की स्वेता इतनी खूबसूरत थी इसलिए मालिक ने तुरनत उसे काम पर रख लिया .

स्वेता बहुत खुश हुई,सभी उससे अच्छे से बात करते थे,और उसे वहां कॉर्पोरेट कल्चर भी मिल रहा था, इसलिए वो बहुत खुश थी, करीब एक साल काम करने के बाद स्वेता ने जब सैलरी बढ़ाने की मांग की तो मालिक ने मना कर दिया और स्वेता को गुस्सा आया और वो काम छोड़ दी, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद मालिक को एहसास हुआ की स्वेता के जाने के बाद उसका सेंटर सुना सुना हो गया है, इसलिए एक बार फिर स्वेता को बुलाया और इस बार स्वेता के कहे अनुसार सैलरी दी जाने लगी,लेकिन स्वेता के छोड़ जाने के बाद मालिक ने तुरंत में अपने भतीजे को काम पर रख लिया था, 

अब मालिक बहुत ही कम आता था,उसका भतीजा ही सारा कम देखता था,इस बार भतीजे को स्वेता से प्यार हो गया था लेकिन दूसरे स्टाफ ने ये बता दिया था की स्वेता जल्दी हाथ नहीं आने वाली है, अगर उसके करीब गए तो वो गुस्सा हो जाती है, इसलिए उससे दूर ही रहे, ये बात मालिक के भतीजे को पता थी इसलिए वो स्वेता को दूर से ही देखा करता था,स्वेता के बात करने का अंदाज, उसका मुस्कुराना,सभी उसे भ गया था,अब तो किसी दिन स्वेता नहीं आती थी तो वो बेचैन हो जाता था, हमेशा स्वेता के ही ख्यालो में खोया रहता था लेकिन कभी हिम्मत नहीं होती थी की वो स्वेता से बात कर सके,

और स्वेता भी कम से कम मतलब रखती थी,शायद उसे ये एहसास हो गया था की मालिक का भेतजा उसे देखा करता है, इसलिए वो उससे दूर ही रहती थी, कुछ महीने बीतने के बाद एक दिन अचानक से स्वेता ने ऑफिस से छुट्टी माँगा और कहा की उसकी तबियत खराब है इसलिए उसे घर दिया जाए , भतीजे ने बहुत पूछा लेकिन स्वेता ने सिर्फ मन ठीक ना होने का वजह बताया, भतीजे ने उसे जाने दिया और कहा कल जरूर आये,लेकिन स्वेता दो दिनों तक नहीं आयी अब तो बहैठे की हालत खराब हो गयी, 

बिना उसे देखे उसका मन नहीं लगता था वो दो दिनों से उसे देख नहीं पाया था,इसलिए उसने स्वेता को कल कर दिया स्वेता ने बताया की वो कल से आएगी, भतीजे के दिल में जान आयी कल स्वेता के आने के बाद भतीजे ने मौका देख कर अपने प्यार का इजहार कर दिया लेकिन स्वेता नहीं मानी और वो एक बार फिर जॉब छोड़ दी, इस बार वो दूसरी कम्पनी में काम करने लगी, जब ये बात मालिक को पता चली तो एक बार फिर स्वेता को बुलाया गया और एक बार फिर स्वेता को अच्छी सैलरी दे कर रखा गया, स्वेता देखने में जितनी सुन्दर थी उतना ही वो अपना काम मन लगा किया करती थी जिससे कंपनी को फायदा भी होता था, इसलिए मालिक स्वेता को दूसरी जगह जाने नहीं देना चाहता था,

लेकिन मालिक के भतीजे को गुस्सा था की वो स्वेता से इतना प्यार करता है लेकिन स्वेता उसकी और देखती भी नहीं है इसलिए वो गुस्से में आ कर स्वेता को परेशान करने लगा, उसे ज्यादा से ज्यादा काम देता था, और स्वेता मुस्कुराते हुए अपना काम करती रहती थी, धीरे-धीरे मालिक के भतीजे ने स्वेता को ज्यादा से ज्यादा परेशान करने लगा और साथ ही साथ ये बोलता था की अगर वो उसके प्यार को स्वीकार कर ले तो उसे काम करने की जरुरत भी नहीं पड़ेगी, स्वेता ने इस महीने बहुत काम किया था, भले भतीजे ने करवाया हो लेकिन काम तो स्वेता ने ही किया था और जब प्रुस्कार देने की बात आयी तो मालिक के भतीजे ने स्वेता को निचा दिखाने या यूँ कह ले की उससे बदला लेने के लिए प्रुस्कार अपने दोस्त को दे दिया,

अब तो स्वेता को बहुत गुस्सा आया और एक बार फिर उसने काम पर आना छोड़ दिया,साथ ही साथ मालिक को भी कल करने से मना कर दिया, मालिक के भतीजे ने बहुत कोशिश की स्वेता उससे प्यार करने लगे स्वेता कभी उसके करीब नहीं आयी ना ही उसका प्यार स्वीकार किया,और इस तरह स्वेता के पापा ने उसकी शादी एक ऐसे लड़के से कर दी जो मुंबई में जॉब करता था और स्वेता का सपना बड़े शहर जाने का पूरा हो गया और वो छोटे से शहर से सीधे मुंबई जैसे बड़े शहर चली गयी वो भी अपने पति और अपने पहले प्यार के साथ क्योंकि स्वेता ने पहले ही सोच लिया था उसका पति ही उसका पहला प्यार होगा .

मैं आशा करता हूँ की आपको ये “Love Story Leb Ki Kahani” प्रेरक कहानी आपको अच्छी लगी होगी। कृपया इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ फेसबुक और व्हाट्स ऍप पर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें। 


धन्यवाद्। 


0 comments

Post a Comment

Next previous home

Popular Posts